भारत की गहरी जड़ों से मिली मजबूती: डॉ. अजात शत्रु सिंह शिवरात्री

बैंकॉक, सितंबर 27: यदि कोई भारत की जड़ों और मजबूती को समझना चाहता है, तो मेवाड़ इस देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में उभरता है, ऐसा कहना है इतिहासकार डॉ. अजात शत्रु सिंह शिवरात्री का.

उन्होंने बैंकॉक के रेम्ब्रांट होटल में आयोजित एक कार्यक्रम में “जड़ें और मजबूती: वैश्विक कल्याण के लिए भारत” विषय पर बोलते हुए कहा कि भारत की गहरी जड़ों ने इसे मजबूती की एक समृद्ध परंपरा दी है.

डॉ. शिवरात्री ने कहा कि भारत का उदय किसी को डराने के लिए नहीं है, बल्कि मानवता के कल्याण में योगदान देने के लिए है. उनके अनुसार, भारत अपनी प्राचीन विरासत को आगे बढ़ाते हुए आधुनिक विज्ञान के साथ मिलकर एक ऐसा विश्व बनाने में मदद कर रहा है जो सुरक्षित, स्वस्थ और समृद्ध हो.

भारत वैश्विक चुनौतियों में दुनिया का मार्गदर्शन कर सकता है

इस अवसर पर पुनीत अग्रवाल, भारत के बैंकॉक में राजदूत ने कहा कि जब दुनिया जलवायु परिवर्तन, मानसिक तनाव और युद्ध जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है, तब भारत एक मार्गदर्शक के रूप में उभर रहा है.

इस कार्यक्रम में थाईलैंड के कई विद्वानों और व्यापार एवं औद्योगिक समुदाय के प्रमुख सदस्यों ने भाग लिया.

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