पंचायत राज चुनाव 2026: प्रिंटिंग नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई

उदयपुर, 6 अक्टूबर: जिला प्रशासन ने पंचायत राज चुनाव 2026 के लिए चुनाव से संबंधित पोस्टर, पर्चे, बुकलेट और अन्य प्रिंट सामग्री प्रकाशित करते समय चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने के लिए प्रिंटिंग प्रेस संचालकों को निर्देशित किया है. जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत प्रावधानों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
प्रिंटिंग प्रेस संचालकों की एक बैठक कलेक्टर कार्यालय के मिनी ऑडिटोरियम में जिला चुनाव अधिकारी गौरव अग्रवाल के निर्देशन में और एडीएम सिटी जितेंद्र ओझा की अध्यक्षता में आयोजित की गई.
प्रिंटर और प्रकाशक का विवरण अनिवार्य
बैठक के दौरान प्रिंटिंग प्रेस संचालकों को सूचित किया गया कि चुनाव से संबंधित सामग्री प्रिंट करते समय संबंधित प्रिंटर और प्रकाशक का नाम और पता स्पष्ट रूप से उल्लेख होना चाहिए. किसी भी चुनाव बुकलेट, पोस्टर या अन्य सामग्री को प्रिंट करने से पहले प्रिंटर्स को प्रकाशक से निर्धारित घोषणा प्राप्त करनी होगी. प्रिंट की गई सामग्री और घोषणा की प्रतियां भी निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित अधिकारियों को प्रस्तुत करनी होंगी.
राज्य चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार, कोई भी चुनाव बुकलेट या पोस्टर तब तक प्रिंट या प्रकाशित नहीं किया जा सकता जब तक कि इसके प्रिंटर और प्रकाशक का नाम और पता पहले पृष्ठ पर उल्लेखित न हो. प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी उम्मीदवार या राजनीतिक पार्टी के चुनाव को प्रभावित करने या प्रतिकूल रूप से प्रभावित करने के लिए सामग्री का प्रिंट नहीं किया जाना चाहिए. चुनाव सामग्री के प्रिंटिंग से संबंधित प्रावधानों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा, और संबंधित प्रिंटर और प्रकाशक के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.
बैठक में प्रशासन की ओर से लतिका पालीवाल और डॉ. महामाया प्रसाद चौबिसा भी उपस्थित थे.
गैरहाजिर प्रिंटिंग प्रेस संचालकों को नोटिस
एडीएम जितेंद्र ओझा ने निर्देश दिया कि बैठक में अनुपस्थित रहने वाले प्रिंटिंग प्रेस संचालकों को नोटिस जारी किए जाएं. उन्होंने कहा कि बार-बार सूचित करने के बावजूद कुछ संचालक ऐसी बैठकों में उपस्थित नहीं होते और निर्धारित नियमों का उल्लंघन करते हैं.
उन्होंने संबंधित टीम को हाल ही में संपन्न नगरपालिका चुनावों के दौरान उपयोग किए गए बैनरों और पोस्टरों का विस्तृत निरीक्षण करने और उल्लंघन करने वाले प्रकाशकों और प्रिंटर्स के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया. ओझा ने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान सभी प्रिंटिंग प्रेस का आकस्मिक निरीक्षण किया जाएगा ताकि चुनाव से संबंधित प्रिंटिंग नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके.



