राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की 8 घंटे की धरने के बाद गिरफ्तारी

New Delhi, 6 अक्टूबर: कांग्रेस के नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने आकाशवाणी भवन परिसर में आठ घंटे से अधिक समय तक धरना देने के बाद गिरफ्तार कर लिया. उनके साथ लगभग 250 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया और उन्हें किंग्सवे कैंप पुलिस स्टेशन ले जाया गया.

यह धरना विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया गया था.

आकाशवाणी के पास रोका गया विपक्ष का मार्च

विपक्षी दलों ने सुबह लगभग 10 बजे संसद के मकर द्वार से ‘डेमोक्रेसी बचाओ मार्च’ का आयोजन किया. पुलिस ने दोपहर 12:30 बजे के आसपास आकाशवाणी के पास मार्च को रोक दिया.

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को बाद में एक बस में ले जाया गया, लेकिन दोनों ने बस से उतरकर परिसर में धरना देना शुरू कर दिया.

राहुल गांधी ने कहा कि वे ज्ञानेश कुमार से मिले बिना नहीं जाएंगे. जब पुलिस धरनार्थियों को हटाने आई, तो पार्टी कार्यकर्ताओं ने दोनों नेताओं को घेर लिया.

300 से अधिक विपक्षी सांसदों ने लिया भाग

राहुल गांधी ने दावा किया कि 20 विपक्षी पार्टियों के 300 से अधिक सांसद इस धरने में शामिल हुए. नेताओं में सपा प्रमुख अखिलेश यादव, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी शामिल थे.

यह धरना दिल्ली और मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पांच दिनों में विपक्षी पार्टियों का सातवां प्रदर्शन था.

चुनाव आयोग ने कहा, कोई औपचारिक बैठक का अनुरोध नहीं

चुनाव आयोग ने कहा कि किसी भी राजनीतिक पार्टी ने 4 बजे तक आयोग के साथ औपचारिक बैठक का अनुरोध नहीं किया था.

आयोग के प्रेस नोट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने सूचित किया कि राहुल गांधी चुनाव आयुक्त से सांसदों के साथ मिलना चाहते थे.

यह धरना और गिरफ्तारी SIR अभ्यास के खिलाफ कार्रवाई और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की लगातार मांग के बीच हुई.

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