Skip to content
Wednesday, 28 October 2026
BREAKING
RAJASTHAN

शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के तहत मिलावटी घी पर 5 लाख जुर्माना

शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के तहत मिलावटी घी पर 5 लाख जुर्माना

जयपुर, 17 अक्टूबर (Udaipur Kiran News) । राजस्थान में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग के आयुक्त के निर्देशानुसार राज्यभर में “शुद्ध आहार मिलावट पर वार” अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश चंद्र यादव ने 17 जून 2023 को दूदू उपखंड के फागी बस स्टैंड स्थित मैसर्स विशाल ट्रेडर्स से घी का नमूना लिया था। प्रयोगशाला जांच में यह नमूना अमानक पाया गया।

इस मामले में खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा प्रस्तुत परिवाद पर अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, दूदू (जयपुर) के न्यायालय में सुनवाई की गई। न्यायालय ने दोष सिद्ध होने पर विक्रेता मैसर्स विशाल ट्रेडर्स, फागी, दूदू पर पचास हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इसके साथ ही घी आपूर्ति से संबंधित फर्म मैसर्स आर. सेल्स, राजस्थानी मंडी, सीकर रोड, जयपुर पर भी पचास हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। इस फर्म के दोनों भागीदारों को पचास–पचास हजार रुपये के दंड से दंडित किया गया।

इसके अतिरिक्त, घी का निर्माण करने वाली कंपनी मैसर्स ओम सारथी डेयरी प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, तापी (गुजरात) पर दो लाख पचास हजार रुपये का जुर्माना तथा कंपनी के अधिकृत नामिनी शैलेश भाई अशोक भाई पेंशलवार पर पचास हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।

विदित हो कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अनुसार अमानक खाद्य पदार्थों के मामलों में अधिकतम पाँच लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। वहीं, असुरक्षित खाद्य पदार्थ पाए जाने की स्थिति में छह माह से तीन वर्ष तक का कारावास और दस लाख रुपये तक के जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है।

—————

(Udaipur Kiran)

Share

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *