58वाँ अभियंता दिवस समारोह उत्साहपूर्वक सम्पन्न
उदयपुर : दि इंस्टिट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स इंडिया के उदयपुर लोकल सेंटर द्वारा भारत रत्न मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती पर प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 58वाँ अभियंता दिवस समारोह हर्ष और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। इस वर्ष का विषय “डीप टेक एवं इंजीनियरिंग उत्कृष्टता : भारत के टीशेड़ की दिशा में” रखा गया, जो देश की तकनीकी प्रगति और आत्मनिर्भरता में अभियंताओं की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।

मानद सचिव इंजीनियर पीयूष जावेरिया ने सभी अतिथियों को मंच पर आमंत्रित किया और दीप प्रज्वलन के लिए निवेदन किया। उन्होंने कहा कि “डीप टेक” अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में अभियंताओं का योगदान भारत को आने वाले दशक में “टेकाडे” के रूप में पहचान दिलाएगा। इस अवसर पर उन्होंने रॉयल चार्टर दिवस पर भी अपने विचार साझा किए।
संस्था के अध्यक्ष इंजीनियर पुरुषोत्तम पालीवाल ने संस्था की गतिविधियों की जानकारी दी और सर एम. विश्वेश्वरैया को नमन करते हुए इंजीनियरों से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “डीप टेक” मानव जीवन को सरल बनाते हुए पर्यावरण की रक्षा में भी सहायक सिद्ध होगा। साथ ही, एम.पी. बया नेशनल अवार्ड और श्रीमती शीला बया नेशनल अवार्ड की चयन प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। इस दौरान इंजीनियर जितेंद्र मेनारिया ने भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जीवनी पर पत्र वाचन किया।
मुख्य वक्ता इंजीनियर राजकुमार जैन, उपाध्यक्ष इंजीनियरिंग एवं प्रमुख, QNX इंडिया, हैदराबाद ने बताया कि भारतीय अभियंता विश्वभर में अपने कौशल से नई मिसाल कायम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि QNX, एक वाणिज्यिक यूनिक्स जैसा रीयल टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम है, जिसे ब्लैकबेरी लिमिटेड द्वारा विकसित किया गया है। अपनी विश्वसनीयता और रीयल टाइम प्रदर्शन के कारण यह ऑटोमोटिव, मेडिकल डिवाइस, औद्योगिक नियंत्रण, रोबोटिक्स, रेल, एयरोस्पेस और रक्षा जैसे क्षेत्रों में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। आज यह तकनीक दुनिया के 255 मिलियन से अधिक वाहनों में प्रयुक्त हो रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य की चुनौतियों का समाधान डीप टेक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम कम्प्यूटिंग और हरित प्रौद्योगिकी से संभव होगा।
इस अवसर पर मैकेनिकल इंजीनियरिंग क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए ‘इंजीनियर एम.पी. बया राष्ट्रीय पुरस्कार 2025’ प्रो. सप्तर्षि बसु, प्रोफेसर, भारतीय विज्ञान संस्थान, बैंगलोर को प्रदान किया गया। उन्हें ₹50,000 का चेक, शॉल, श्रीफल और अभिनंदन पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं, ‘श्रीमती शीला बया राष्ट्रीय पुरस्कार 2025’ डॉ. अदिति सेनगुप्ता, सहायक प्रोफेसर, आईआईटी धनबाद को प्रदान किया गया। उन्हें ₹25,000 का चेक, शॉल, श्रीफल और अभिनंदन पत्र भेंट किया गया।
संस्थान के उदयपुर लोकल सेंटर के सदस्य इंजीनियर आसिफ एम. अंसारी, इंजीनियर हिमांशु कौशल, डॉ. एस.के. वशिष्ठ और डॉ. मनजीत सिंह को भी पिछले वर्ष किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। आयोजित पत्र वाचन प्रतियोगिता में गीतांजलि इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल स्टडीज, उदयपुर की साहिल जोशी और आंचल जोशी को प्रथम स्थान तथा जय पटेल और पार्थ कल्याणा को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ।
इस समारोह में बड़ी संख्या में अभियंता और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन मानद सचिव इंजीनियर पीयूष जावेरिया ने किया।



