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Thursday, 29 October 2026
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गुरुग्राम: डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण में लगेंगी 800 गाडिय़ां: प्रदीप दहिया

पत्रकारों से बात करते निगमायुक्त प्रदीप दहिया।

-निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने साझा की आगामी कार्य योजना

गुरुग्राम, 21 अक्टूबर (Udaipur Kiran News) । नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने शहर की सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावशाली बनाने की दिशा में निगम के प्रयासों और योजनाओं की जानकारी सांझा की। इस अवसर पर उन्होंने डोर-टू-डोर मॉडल आरएफपी के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि आरएफपी और एसडब्ल्यूएम बायलॉज निगम की वेबसाइट पर अपलोड किए जा रहे हैं, ताकि नागरिक अपने सुझाव दे सकें और स्वच्छ गुरुग्राम के निर्माण में सहभागी बन सकें। वे मंगलवार को अपने कार्यालय में पत्रकारों से बात कर रहे थे।

निगमायुक्त ने बताया कि शहर में प्रतिदिन लगभग 1200 टन कचरा उत्पन्न होता है, जिसमें से करीब 40 प्रतिशत कचरा बल्क वेस्ट जनरेटर (बीडब्ल्यूजी) का होता है। निगम द्वारा इन बीडब्ल्यूजी संस्थानों को ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2016 के तहत अपने परिसरों में ही कचरे का निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम के कई बीडब्ल्यूजी इस दिशा में सराहनीय कार्य कर रहे हैं और शेष बीडब्ल्यूजी को भी सक्रिय रूप से जोड़ा जा रहा है। निगमायुक्त ने बताया कि जो कॉलोनियां खुद को बीडब्ल्यूजी की श्रेणी में शामिल करना चाहती हैं, वे ऐसा कर सकती हैं और अपने स्तर पर कचरा प्रबंधन शुरू कर सकती हैं।

डोर-टू-डोर व्यवस्था में 800 गाडिय़ां होंगी तैनात

निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने बताया कि नई डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था के तहत 800 वाहन तैनात किए जाएंगे, जिनमें संकरी गलियों के लिए ई-रिक्शा भी शामिल होंगे। इससे घर-घर से कचरा संग्रहण व्यवस्था और भी प्रभावी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में नगर निगम द्वारा 330 वाहनों के माध्यम से घरों से कचरा एकत्रित कर रहा है और इसके लिए कोई शुल्क नहीं ले रहा है। यदि कोई व्यक्ति शुल्क वसूलती है, तो नागरिक तुरंत निगम को सूचित करें, ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

नागरिकों से सहयोग का आह्वान

निगमायुक्त ने नागरिकों से अपील की कि वे गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करें तथा कचरा केवल डोर-टू-डोर गाड़ी या ट्रॉली में ही डालें। उन्होंने कहा कि स्वच्छ गुरुग्राम के निर्माण में हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी चेताया कि सीवर में पशुओं का गोबर ना बहाया जाए, क्योंकि इससे सीवर जाम होते हैं। सीवर जाम करने वालों और अवैध पेयजल कनेक्शन रखने वालों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। प्रदूषण नियंत्रण के क्षेत्र में भी नगर निगम सक्रिय है।

(Udaipur Kiran)

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