कुंभलगढ़ फेस्टिवल के पहले दिन दिखा लोक नृत्य, गीत और संस्कृति का रंगारंग समागम

कुंभलगढ़ फेस्टिवल के दौरान विभिन्न रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति देते हुए कलाकार
कुंभलगढ़ फेस्टिवल के दौरान विभिन्न रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति देते हुए कलाकार
कुंभलगढ़ फेस्टिवल के दौरान विभिन्न रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति देते हुए कलाकार

राजसमंद, 1 दिसंबर (Udaipur Kiran) . तीन दिवसीय कुंभलगढ़ फेस्टिवल का भव्य शुभारंभ Monday को हुआ. कुंभलगढ़ विधायक सुरेन्द्र सिंह राठौड़ और जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा ने कुंभलगढ़ दुर्ग पहुँचकर कार्यक्रमों की शुरुआत की. कार्यक्रम में पर्यटन विभाग की संयुक्त निदेशक सुमिता सरोच, उप निदेशक शिखा सक्सेना, एसडीएम साक्षी पूरी, सहायक निदेशक विवेक जोशी, सहायक निदेशक जितेंद्र माली, पर्यटक अधिकारी नीलू राठौड़, होटल एसोसिएशन के पदाधिकारी, स्थानीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा देश-विदेश से आए पर्यटक उपस्थित थे.

उप निदेशक पर्यटन शिखा सक्सेना ने बताया कि दिनभर विभिन्न लोक नृत्य शैलियों चकरी, सहरिया, चंग ढप, कच्छी घोड़ी, लाल अंगी, बांकिया, बहरूपिया, कालबेलिया, लंगा और गवरी आदि की मनमोहक प्रस्तुतियाँ लोक कलाकारों द्वारा दी गईं. शाम 7 बजे एकम मैत्रेयी पहाड़ी द्वारा विविध नृत्य शैलियों का वाइब्रेंट कोलाज प्रस्तुत किया गया, जिस पर दर्शकों की तालियों की गूंज चारों ओर सुनाई दी. दिनभर चले कार्यक्रमों में पर्यटकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और लोक कलाकारों के साथ थिरकते नजर आए. देशी और विदेशी पर्यटकों में स्थानीय लोक नृत्य, गीत-संगीत और Rajasthanी व्यंजनों को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला.

पर्यटकों में उत्साह ऐसा रहा कि वे लोक कलाकारों की धुन पर खुद को रोक नहीं पाए और संगीत की ताल के साथ झूमते हुए नाच उठे. पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकारों के बीच देशी-विदेशी पर्यटक भी कदम मिलाते दिखाई दिए. सभी ने लोक नृत्य, गीत और लाइव प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया, जिससे पूरे परिसर में उल्लास का अद्भुत माहौल बना रहा. पगड़ी बांधों प्रतियोगिता को लेकर भी पर्यटक खासा उत्साहित दिखे.

दिनभर दुर्ग में पर्यटकों की खूब भीड़ रही. लोग कुंभलगढ़ दुर्ग की प्राचीन वास्तुकला और प्राकृतिक सौंदर्य की सैर करते हुए फेस्टिवल के हर कार्यक्रम का आनंद लेते नजर आए. परिवारों से लेकर युवा समूहों तक सभी में उत्साह स्पष्ट दिखा और पूरे आयोजन में रौनक देखने लायक रही. पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए.

2-3 दिसंबर को होंगे ये कार्यक्रम:

मंगलवार, 2 दिसंबर 2025 को शाम 7 बजे लोकराग–संदीप रत्नू द्वारा लोक संगीत का नाट्य प्रस्तुतीकरण होगा. बुधवार, 3 दिसंबर 2025 को शाम 7 बजे नगाड़ा कॉन्सर्ट–डांसिंग पीकॉक द्वारा ड्रम ओडिसी का भव्य आयोजन किया जाएगा. सभी कार्यक्रम कुंभलगढ़ दुर्ग, राजसमंद में आयोजित होंगे. साथ ही 3 दिसंबर तक प्रतिदिन दोपहर में Rajasthanी लोक नृत्य-संगीत, पगड़ी पहनाओ प्रतियोगिता, टग ऑफ वॉर सहित कई आकर्षक गतिविधियां आयोजित की जाएँगी

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(Udaipur Kiran) / Giriraj Soni

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