सच्चे मुसलमान थे अब्दुल गफ्फार खान

सिधौली में आयोजित बैठक में मौजूद लोग
अब्दुल गफ्फार खान के संबंध में बोलते साहित्यकार अनुराग

सीतापुर, 19 दिसम्बर (Udaipur Kiran) . खान अब्दुल गफ्फार खान एक सच्चे Indian मुसलमान थे. यह बातें खान अब्दुल गफ्फार खान व जनकवि अदम गोंडवी की पुण्यतिथि पर शुक्रवार को आयोजित एक श्रद्धांजलि गोष्ठी में कवि अनुराग आग्नेय ने कही.

लेखक एवं अधिवक्ता अनूप कुमार ने बादशाह खान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने पठानों को अहिंसक बनाकर उनकी ताकत को कई गुना बढ़ा दिया, अगर वे अपने मकसद में कामयाब हो जाते तो अफगानिस्तान और पाकिस्तान के सीमांत क्षेत्रों में बसे पश्तून आज दुनिया की सबसे बड़ी ताकत होते और औपनिवेशिक ताकतों के गुलाम न बनते. अदम गोंडवी की गजलों पर उन्होंने कहा कि अदम ने दुष्यंत कुमार की हिंदी गजल परम्परा को नया आयाम दिया और उसे आम जनमानस की पीड़ा से जोड़ा तथा व्यवस्था के भ्रष्टाचार पर प्रहार के लिए उसे हथियार की तरह प्रयोग किया.

रामनाथ रावत ने खान अब्दुल गफ्फार खान को एक सच्चा राष्ट्रवादी बताते हुए कहा कि दक्षिण एशिया को खान साहब को राजनीतिक हाशिए पर डाल देने की भारी कीमत चुकानी पड़ी. पंकज मिश्रा ने अदम गोंडवी को एक जमीन से जुड़ा रचनाकार बताते हुए कहा कि उनकी लम्बी कविता ‘चमारों की गली’ गांव के जातीय अहम और कुंठा को बड़ी कुशलता से उजागर करती है. समाजसेवी मोहित श्रीवास्तव ने कहा कि खान अब्दुल गफ्फार खान एक समृद्ध परिवार से होने के बावजूद अत्यन्त सादा जीवन बिताते थे. उनकी राजनीति गांधी की तरह आदर्श थी. इस दौरान उजागर लाल, लवकुश शुक्ला, सत्यम मिश्रा, कौशल कुमार, अंकित राठौर व सचिन श्रीवास्तव सहित अन्य लोग मौजूद रहे.

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(Udaipur Kiran) / Mahesh Sharma

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