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Friday, 30 October 2026
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तृणमूल के सत्ता में आने के बाद बंगाल में उद्योग खत्म होता गया : भाजपा

शमिक भट्टाचार्य

कोलकाता, 17 दिसंबर (Udaipur Kiran) ।

भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से पश्चिम बंगाल लगातार उद्योगविहीन होता गया है। भाजपा का कहना है कि राज्य में बड़े उद्योगों के पलायन से रोजगार के अवसर घटे हैं और औद्योगिक भविष्य को गंभीर नुकसान पहुंचा है।

राज्य भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर एक पुस्तिका जारी की, जिसका शीर्षक रखा गया पश्चिम बंगाल इंडस्ट्रियलाइजेशन ग्रेवयार्ड। इसमें दावा किया गया कि मौजूदा समय की सबसे बड़ी जरूरत राज्य में बड़े उद्योगों की स्थापना है, ताकि युवाओं को स्थायी और सम्मानजनक रोजगार मिल सके।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद शमिक भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि बड़े औद्योगिक घरानों ने पश्चिम बंगाल छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि सिंगूर और नंदीग्राम में जो घटनाक्रम हुआ, उसने देश भर के उद्योगपतियों के बीच गलत संदेश पहुंचाया। उनके अनुसार यदि राज्य को फिर से औद्योगिक रूप से मजबूत बनाना है, तो बड़े उद्योग ही एकमात्र रास्ता हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों से ली गई जमीन पर लगने वाले उद्योगों में किसानों को हिस्सेदारी मिलनी चाहिए।

दूसरी ओर पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता में आयोजित होने वाले बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि 2015 से अब तक हुए सभी समिट पूरी तरह नाकाम रहे हैं। उनका कहना था कि इन आयोजनों पर जितना खर्च किया गया, उसके मुकाबले जमीन पर निवेश के रूप में राज्य को कोई ठोस लाभ नहीं मिला।

शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल का आंतरिक कर्ज बेहद खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका है और इससे उबरने का एकमात्र तरीका बड़े उद्योगों की स्थापना है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में जो बड़े निवेश हुए हैं, वे ज्यादातर केंद्र सरकार के उपक्रमों के जरिए हुए हैं, चाहे वह हवाई अड्डे हों, रेलवे, बंदरगाह, सड़कें या पेट्रोलियम क्षेत्र।

इस बीच, पश्चिम बंगाल सरकार 18 दिसंबर को कोलकाता में एक व्यापार सम्मेलन आयोजित करने जा रही है। सरकार का कहना है कि इस सम्मेलन के जरिए राज्य की औद्योगिक प्रगति और निवेश की संभावनाओं को सामने रखा जाएगा।

(Udaipur Kiran) / ओम पराशर

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