
आगरमालवा, 12 दिसंबर (Udaipur Kiran) . Madhya Pradesh के आगरमालवा जिले की बड़ौद तहसील के तीन गांवों ग्राम गढ़़ी, गंगापुर ऊपर का खेड़ा और पिपल्याचाचा में नहर में पानी नहीं पहुंचने से नाराज़ ग्रामीणों ने शुक्रवार को कलेक्टर कार्यालय पर धरना दे दिया, जिससे कुछ देर के लिए वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया. ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम रणायराकेलवा तालाब के स्लूस गेट में कुछ लोगों ने जानबूझकर क्रांकीट, मलबा, कीटनाशक और गंदगी भर दी, जिससे पानी की निकासी पूरी तरह बंद हो गई. इसका सबसे बड़ा असर किसानों पर पड़ा है, जिनकी खड़ी फसलें सूखने की कगार पर पहुंच चुकी हैं.
ग्रामीणों ने बताया कि वे इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार पुलिस और जल संसाधन विभाग को शिकायत दे चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. मजबूर होकर वे कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और लिखित आवेदन सौंपकर साफ चेतावनी दी कि समय पर समाधान नहीं हुआ तो उग्र प्रदर्शन करेंगे जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी. उधर, अधिकारियो ने मामले की गंभीरता समझते हुए स्लूस गेट को तुरंत खोलने और नहर की जलापूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए, साथ ही दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया. जल संसाधन विभाग के एसडीओ प्रलेश बामनिया ने कहा की डेम 70 प्रतिशत भरा है, लेकिन नहर गेट पर 20 फीट तक मलबा भर गया है. 6 फीट खुदाई कर चुके हैं, अब हार्ड मटेरियल आ चुका है. ब्लास्ट करेंगे तो डैम को नुकसान का खतरा है. हमारी प्राथमिकता हर एक किसान के खेत तक पानी पंहुचे.
(Udaipur Kiran) / रितेश शर्मा
