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Friday, 30 October 2026
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अनूपपुर: सुशासन हमें ईमानदार, पारदर्शी एवं निष्पक्ष होने की देती है सीख-प्रीति सिंह

सुशासन सप्ताह के अंतर्गत आयोजित जिला स्तरीय कार्यशाला में अध्यक्ष जिपं दीप जलाते हुए

अनूपपुर, 23 दिसंबर (Udaipur Kiran) । सुशासन हमारा संकल्प है। शासन द्वारा सुशासन के क्षेत्र में किए जा रहे अनेक नवाचार और कार्य अत्यंत सराहनीय हैं, जिनसे आम जनता को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। सुशासन व्यवस्था को सशक्त बनाता है और विकास की गति को नई दिशा देता है। यह बात मंगलवार को जिला पंचायत के सभागार में सुशासन सप्ताह के अंतर्गत आयोजित जिला स्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए अनूपपुर जिले की जिला पंचायत अध्यक्ष प्रीति रमेश सिंह ने कही।

अध्यक्ष जिला पंचायत ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर सुशासन दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि अटल जी के दिए गए मार्गदर्शन और प्रेरणा के अनुसार सुशासन हमें ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्पक्षता के मूल्यों पर चलने की सीख देता है। सुशासन के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होता है, जिससे समाज में विश्वास, उत्तरदायित्व और सहभागिता की भावना और अधिक सुदृढ़ होती है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अर्चना कुमारी ने कहा कि सुशासन के प्रमुख आठ स्तंभ होते हैं, जिनमें कानून का शासन, उत्तरदायित्व, सर्वसम्मति, पारदर्शिता, समानता एवं समावेशिता, प्रभावशीलता, दक्षता, जवाबदेही तथा भागीदारी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन के अंतर्गत सेवाओं को और अधिक बेहतर, सरल एवं शुद्ध रूप में कैसे प्रदान किया जाए तथा जन समस्या शिविरों के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का प्रभावी निराकरण कैसे किया जा सकता है, इस पर विचार-मंथन कर सुशासन सप्ताह को सफल बनाना ही हमारा मुख्य उद्देश्य है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ने सुशासन के आठ स्तंभ की विस्तृत जानकारी विधिवत प्रदान की।

कार्यशाला में वित्तीय वर्ष 2024-25 में किए गए कार्यों के संबंध में लोक सेवा प्रबंधन विभाग की जिला प्रबंधक द्वारा सुशासन की दिशा में सीएम हेल्पलाइन, ऑनलाइन प्रकरण समाधान सहित अन्य विभिन्न माध्यमों से प्राप्त समस्याओं के निराकरण की जानकारी दी गई। ई-गवर्नेंस विभाग द्वारा बताया गया कि ई-सेवा के माध्यम से वर्तमान में 22 विभागों की लगभग 500 सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इसे और वृहद रूप देते हुए आने वाले समय में 56 विभागों की 1700 से अधिक शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

कृषि विभाग द्वारा उन्नत कृषकों एवं विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। पशुपालन विभाग द्वारा दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान, पशु गर्भाधान एवं कृत्रिम गर्भाधान के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लाड़ली बहना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, अनाथ बच्चों को आर्थिक सहायता, गुमशुदा बच्चों की खोज एवं पुनर्वास, घरेलू हिंसा तथा बाल विवाह के विषय में जानकारी दी गई। इसी प्रकार आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक द्वारा महिला स्व-सहायता समूहों को सशक्त बनाने हेतु किए गए प्रयासों, बीजापुरी में काष्ठ शिल्प कला तथा विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं उनके प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी प्रस्तुत की गई। कार्यशाला में विभिन्न विभागों द्वारा किए गए सकारात्मक प्रयास एवं पहल पर आधारित फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।

कार्यशाला में जनप्रतिनिधि, अधिकारी ने कार्यों में और अधिक गंभीरता एवं सुगमता लाने के लिए विचार-विमर्श एवं मंथन किया। इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत किए गए महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में उपाध्यक्ष जिला पंचायत पार्वती वाल्मिकी राठौर, अनिल गुप्ता, जितेन्द्र सोनी, शिवरतन वर्मा सहित विभिन्न विभागों के विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि उपस्थित रहें।

(Udaipur Kiran) / राजेश शुक्ला

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