
भोपाल, 05 दिसम्बर (Udaipur Kiran) . Chief Minister डॉ. मोहन यादव ने Madhya Pradesh के स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स और नई दिल्ली वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो द्वारा भारत-चीन सीमा के पास उत्तर-सिक्किम से अंतरराष्ट्रीय महिला बाघ तस्कर मांगचेन-लाचुंगपा की गिरफ्तारी को महत्वपूर्ण सफलता बताया है. उन्होंने इस कार्रवाई पर हर्ष व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि इस सफल कार्यवाही में शामिल एसटीएसएफ के दल को उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत किया जाएगा.
Chief Minister डॉ. यादव ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कहा कि वन्य अपराध के मामलों में 10 वर्ष से वांछित अंतरराष्ट्रीय स्तर की तस्कर को सिक्किम से गिरफ्तार करना बड़ी सफलता है. Madhya Pradesh सरकार प्रदेश में बाघों सहित सभी प्रकार के वन्यजीवों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है.
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2015 में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, नर्मदापुरम में बाघ एवं पेंगोलिन के अवैध शिकार और बाघ की हड्डियों और पेंगोलिन के स्केल की नेपाल के रास्ते चीन में अवैध तस्करी करने वाले गिरोह के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया था. यांगचेन लाचुंगपा की निरंतर तलाश की जा रही थी. प्रकरण की गंभीरता के कारण वन मुख्यालय ने इसे स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) को विवेचना के लिए सौंप दिया. एसटीएसएफ ने एक संगठित एवं अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया, जिसमें 31 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. यांगचेन लाचुंगपा अंतरराष्ट्रीय बाघ तस्करी गिरोह की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जिसका नेटवर्क भारत, नेपाल, भूटान और चीन तक फैला हुआ है. यांगचेन लाचुंगपा के गिरोह के कई देशों में फैले नेटवर्क को देखते हुए भारत सरकार के अनुरोध पर इंटरपोल द्वारा यांगचेन लाचुंगपा विरुद्ध रेड नोटिस भी जारी किया गया ताकि उसे किसी भी देश में सबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा गिरफ्तार किया जा सके.
यांगचेन लाचुंगपा लगातार गिरफ्तारी से बचने एजेंसियों को चकमा दे रही थी, अंततः दिनांक 2 दिसम्बर को Madhya Pradesh स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स एवं केंद्र सरकार की वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो नई दिल्ली की संयुक्त टीम ने अत्यंत दुर्लभ परिस्थितियों में 7 डिग्री तापमान क्षेत्र में पहुंचकर योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी की. तस्कर की गिरफ्तारी की इस कार्यवाही में सिक्किम पुलिस का महत्वपूर्ण सहयोग रहा. यह वन अपराध प्रकरण एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, क्योंकि यह देश का पहला मामला है, जिसमें शिकारियों, कूरियर, बिचौलिये और तस्करों सहित 31 व्यक्तियों के पूरे गिरोह को गिरफ्तार किया जा चुका है. पूर्व में गिरफ्तार सभी आरोपियों को सजा भी हो चुकी है. प्रकरण में वैधानिक कार्यवाही की जा रही है.
(Udaipur Kiran) तोमर
