समस्या समाधान के लिए महिलाओं में मुखरता जरूरी : सत्या पांडेय

*प्रेस क्लब में ‘कार्यक्षेत्र में महिलाओं के समक्ष चुनौतियां विषय’ पर विमर्श कार्यक्रम का आयोजन*
*प्रेस क्लब में ‘कार्यक्षेत्र में महिलाओं के समक्ष चुनौतियां विषय’ पर विमर्श कार्यक्रम का आयोजन*

गोरखपुर, 15 दिसंबर (Udaipur Kiran) . पूर्व महापौर डॉ. सत्या पांडेय ने कहा कि कार्यक्षेत्र में सामने आ रही समस्याओं के समाधान और चुनौतियों को दूर करने के लिए महिलाओं को मुखर होना पड़ेगा. किसी भी समस्या पर उन्हें सहन करने की प्रवृत्ति से उबरकर, चुप्पी तोड़नी होगी, आवाज उठानी होगी. कार्यक्षेत्र में महिलाओं को संरक्षण देने वाले कानूनी प्रावधान तभी कारगर होंगे जब महिला स्वयं जागरूक होकर आगे आएगी.

पूर्व महापौर Monday को गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब के सभागार में कार्यक्षेत्र में महिलाओं के समक्ष चुनौतियां विषय पर आयोजित विमर्श कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थीं. उन्होंने कहा कि महिलाएं आज हरेक क्षेत्र में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध कर रही हैं. पर, अपने कार्यक्षेत्र में उन्हें फब्तियों, भेदभाव या हीनता का अनुभव कराने जैसी चुनौती का सामना करना पड़ जाता है. इसके लिए समाज को थोड़ा और बदलना होगा, साथ ही महिलाओं को किसी भी चुनौती को दूर करने के लिए स्वयं को तैयार करना होगा. स्वयं मुखर होंगे तभी समस्या पैदा करने वालों का रवैया बदलेगा.

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में राजनीति शास्त्र विभाग की अध्यक्ष एवं विश्वविद्यालय में मिशन शक्ति की नोडल अधिकारी प्रो. विनीता पाठक दार्शनिक प्लेटो के उद्धरण के हवाले से कहा कि महिला और पुरुष में कोई अंतर नहीं होता सिवाय शारीरिक बनावट के. उन्होंने कहा कि आज महिलाओं को बराबरी का दर्जा मिल रहा है. महिलाएं अपनी ताकत का एहसास कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने में अपना योगदान दे सकती हैं. उन्होंने कहा कि महिला-पुरुष के बीच प्रतिस्पर्धा की जगह सामंजस्य की भावना होनी चाहिए. प्रो. पाठक ने कहा कि आज महिलाओं के समक्ष दोहरी चुनौती है, उन्हें घर भी संभालना है और अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्टता भी सिद्ध करनी है.

कार्यक्रम में विचार व्यक्त करते हुए सीआरडी पीजी कॉलेज की उप प्राचार्य डॉ. स्वप्निल पांडेय ने कहा कि महिलाओं की समस्याओं के समाधान का सबसे सशक्त माध्यम शिक्षा है. पर, शिक्षा के क्षेत्र में व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए महिलाओं को उनके विषय क्षेत्र चुनने की पूर्ण स्वतंत्रता देनी होगी. अधिवक्ता परिषद की महामंत्री, वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. अजिता पांडेय ने कहा कि सरकार से महिलाओं को अधिकार तो मिले हैं लेकिन सामाजिक दृष्टिकोण से कार्यक्षेत्र में अभी कई चुनौतियां सामने हैं. इन्हें दूर करने के लिए समाज को अपना नजरिया बदलना होगा. वरिष्ठ संचालिका रीता श्रीवास्तव ने कहा कि आज महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी मजबूत भागीदारी सुनिश्चित की है तो इसमें पुरुषों का सहयोग सर्वाधिक महत्वपूर्ण है.

कार्यक्रम का संयोजन व अभ्यागतों का स्वागत वरिष्ठ पत्रकार कंचन त्रिपाठी और विषय प्रवर्तन के साथ संचालन कवयित्री डॉ. सरिता सिंह ने किया. इस अवसर पर गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब के अध्यक्ष रीतेश मिश्र सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति और मीडियाकर्मियों की उपस्थिति रही.

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(Udaipur Kiran) / प्रिंस पाण्डेय

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