बलबीर ने राजौरी के लिए हेलीकॉप्टर सेवा को पहाड़ी इलाकों के लोगों के लिए बड़ी राहत बताया

बलबीर ने राजौरी के लिए हेलीकॉप्टर सेवा को पहाड़ी इलाकों के लोगों के लिए बड़ी राहत बताया

जम्मू, 14 नवंबर (Udaipur Kiran) . जम्मू और कश्मीर Indian जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता और जम्मू-कश्मीर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग विकास निगम के पूर्व उपाध्यक्ष, बलबीर राम रतन ने राजौरी के लिए सब्सिडी वाली हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होने का स्वागत करते हुए इसे पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी राहत बताया. उन्होंने कहा कि यह सेवा क्षेत्रीय संपर्क को मज़बूत करने, यात्रा को आसान बनाने और आपात स्थिति में तेज़ी से प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है.

बलबीर राम रतन ने कहा कि नई हेलीकॉप्टर सेवा राजौरी और जम्मू के बीच यात्रा के समय को काफ़ी कम कर देगी, जिससे आम नागरिकों, सरकारी अधिकारियों, आपातकालीन सेवा कर्मियों और व्यावसायिक यात्रियों के लिए एक तेज़, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा विकल्प उपलब्ध होगा. उन्होंने आगे कहा कि यह सेवा दूरी को कम करेगी और राजौरी के लोगों को आवश्यक सेवाएँ समय पर पहुँचाने में सक्षम बनाएगी.

उन्होंने आगे कहा कि यह सुविधा न केवल परिवहन के लिए, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए भी वरदान साबित होगी. बेहतर हवाई संपर्क से पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय निवासियों के लिए रोज़गार और आय के नए अवसर पैदा होंगे. राजौरी और उसके आसपास के इलाकों की प्राकृतिक सुंदरता, पहुँच आसान होने पर, और अधिक पर्यटकों और निवेशकों को आकर्षित करेगी.

बलबीर राम रतन ने यह भी कहा कि यह सुविधा चिकित्सा आपात स्थितियों के दौरान विशेष रूप से उपयोगी होगी, जिससे मरीजों को जम्मू के प्रमुख अस्पतालों में शीघ्रता से पहुँचाया जा सकेगा. उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह हेलीकॉप्टर सेवा केवल परिवहन का एक साधन नहीं है, बल्कि विकास का एक ऐसा माध्यम है जो दूरस्थ और भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने में मदद करेगा.

बलबीर राम रतन ने आशा व्यक्त की कि भविष्य में, ऐसी सेवाओं का और अधिक क्षेत्रों में विस्तार किया जाएगा, जिससे पहाड़ी और सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधाएँ प्रदान की जा सकेंगी और जम्मू-कश्मीर में समग्र विकास की प्रक्रिया में तेज़ी आएगी.

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(Udaipur Kiran) / रमेश गुप्ता

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