संविदा भर्ती नियमों को अनदेखा कर कर्मचारी को हटाने वाले आदेश पर रोक

हाईकोर्ट

जयपुर, 6 दिसंबर (Udaipur Kiran) . Rajasthan हाईकोर्ट ने संविदा भर्ती नियम की अवहेलना कर चिकित्सा विभाग के संविदा कर्मी को हटाने वाले आदेश की क्रियान्विति पर रोक लगा दी है. इसके साथ ही अदालत ने मामले में चिकित्सा सचिव और स्वास्थ्य निदेशक सहित संबंधित सीएमएचओ से जवाब तलब किया है. जस्टिस मुनेरी लक्ष्मण की एकलपीठ ने यह आदेश मोहम्मद फैसल खान पठान की याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए.

याचिका में अधिवक्ता सुनील कुमार सिंगोदिया ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता साल 2016 में Chief Minister निशुल्क जांच योजना में स्वास्थ्य मार्गदर्शक के पद पर संविदा पर लगा था. गत 29 सितंबर को संबंधित प्रमुख चिकित्सा अधिकारी ने शिकायत के आधार पर याचिकाकर्ता की सेवा समाप्त कर दी. इसे चुनौती देते हुए कहा गया कि वह Rajasthan मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी के माध्यम से नियुक्त हुआ था और संविदा भर्ती नियम के तहत पांच साल की सेवा के बाद नियमित होने का अधिकारी हो गया था. इसके बावजूद उसे झूठी शिकायत पर सेवा से अलग कर दिया गया. जबकि संविदा भर्ती नियम के नियम 18 के तहत किसी संविदा कर्मी के खिलाफ यदि कोई आरोप सिद्ध होता है तो उसे सेवा से हटाया जा सकता है, लेकिन इससे पूर्व उसे सुनवाई का पूरा अवसर दिया जाएगा. याचिकाकर्ता को काम के प्रति लापरवाही बरतने और उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना का आरोप लगाकर सेवा से हटाया गया है, लेकिन इससे पूर्व उसे सुनवाई का कोई मौका नहीं दिया गया. ऐसे में उसे सेवा से हटाने के आदेश को अवैध घोषित कर निरस्त किया जाए. जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को सेवा से हटाने के आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है.

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(Udaipur Kiran)

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