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Friday, 30 October 2026
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भावांतर योजना: सोयाबीन फसल के पंजीयन के लिए प्राथमिक सहकारी समिति स्तर पर 147 केंद्र स्थापित

भावांतर योजना: सोयाबीन फसल के पंजीयन हेतु प्राथमिक सहकारी समिति स्तर पर 147 केंद्र स्थापित

उज्जैन, 4 अक्टूबर (Udaipur Kiran News) । मध्‍य प्रदेश में भावांतर योजना के तहत सोयाबीन फसल के पंजीयन के लिए प्राथमिक सहकारी समिति स्तर पर केंद्र स्थापित किए गए हैं। जिसमें कि 147 केंद्र उज्‍जैन में बनाए गए हैं। ई-उपार्जन पोर्टल पर 17 अक्अूबर तक पंजीयन होंगे। शनिवार को कलेक्टर रौशनकुमार सिंह ने जनप्रतिनिधियों की बैठक लेकर अधिकारियों को योजना का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करवाने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर सिंह ने शनिवार दोपहर प्रशासनिक संकुल भवन सभाकक्ष में जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक लेकर अधिकारियों को शासन की महत्वाकांक्षी भावांतर योजना का जिले में व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। पंजीयन ई-उपार्जन पोर्टल पर 17 अक्टूबर तक किए जाएंगे। किसानों के नि:शुल्क पंजीयन सहकारी समितियों, तहसील कार्यालय, जनपद कार्यालय, ग्राम पंचायत कार्यालय में स्थापित सुविधा केंद्रों पर किया जा रहा है। बैठक में सांसद अनिल फिरोजिया, जिला पंचायत अध्यक्ष कमला कुंवर देवड़ा, उपाध्यक्ष शिवानी कुंवर,निगम सभापति कलावती यादव,संजय अग्रवाल, राजेश धाकड, अपर कलेक्टर शाश्वत शर्मा उपस्थित थे।

बैठक में सांसद फिरोजिया ने अधिकारियों से कहा कि जिले में भावांतर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करें ताकि किसान लाभांवित हो। उन्होंने जिला पंचायत की अध्यक्ष से कहा कि वे जिला पंचायत में जिला पंचायत के सदस्यों की बैठक आयोजित कर उक्त योजना के बारे में जानकारी देकर सदस्यों को बताएं। ताकि वे अपने क्षेत्रों में भावांतर योजना का प्रचार-प्रसार कर किसानों को अवगत करवाएं। कलेक्टर ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे किसानों की सुविधा एवं उनकी समस्या और योजना के बारे में जानकारी देने के लिए कंट्रोल रूम गठित कर मोबाईल एवं व्हाट्सएप नंबर जारी करें।

उन्‍होंने कहा, किसानों को जानकारी दें कि मण्डी में सोयाबीन के विक्रय करने पर ही भांवातर योजना का लाभ मिलेगा। जिले में वाहन पर फ्लेक्स लगाकर और योजना का वीडियो चलाकर जानकारी दें। किसानों का सशुल्क पंजीयन लोकसेवा केंद्र, निजी साइबर केफे, कॉमन सर्विस सेंटर, एमपी किसान एप के माध्यम से 50 रू. में होगा।

उल्‍लेखनीय है कि सिकमी, बटाईदार, कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसानों के पंजीयन की सुविधा केवल प्राथमिक समिति, सहकारी समिति द्वारा संचालित केंद्रों पर रहेगी। पंजीयन के लिए खसरा बी-1 की नकल, आधार कार्ड, बैंक पास बुक, समग्र आईडी की छायाप्रति एवं आधार लिंक मोबाईल नंबर ले जाना होंगे।

भावांतर योजना अंतर्गत पंजीकृत किसान सोयाबीन का विक्रय कृषि उपज मंडी में 24 अक्टूबर से 15 जनवरी,26 तक कर सकेंगे। प्रति हेक्टयर के मान से कृषकों को योजना का लाभ दिया जाएगा। भावांतर का लाभ एमएसपी 5328 रु. प्रति क्विंटल एवं मॉडल भाव विक्रय मूल्य,जो अधिक हो के बीच के अतंर की राशि का भुगतान किसानों को डीबीटी के माध्यम से किया जाएगा।

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(Udaipur Kiran) / ललित ज्‍वेल

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