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Friday, 30 October 2026
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शतद्रु से पूछताछ में बड़े खुलासे – मेसी कार्यक्रम में थे मंत्री के तीन सौ लोग, अभिषेक बनर्जी के परिवार और करीबियों की भी थी भरमार

मेसी

कोलकाता, 20 दिसंबर (Udaipur Kiran) । कोलकाता के युवभारती क्रीड़ांगन में 13 दिसंबर को लियोनेल मेसी के कार्यक्रम के दौरान हुई अव्यवस्था के मामले में पुलिस की पूछताछ में मुख्य आयोजक शतद्रु दत्त से कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में शतद्रु ने कार्यक्रम की भीड़, खर्च, फंडिंग और अव्यवस्था के कारणों को लेकर कई खुलासे किए हैं।

सूत्रों का दावा है कि शतद्रु ने जांच अधिकारियों को बताया कि कार्यक्रम के दिन आयोजन से जुड़े विभिन्न कार्यों के लिए उनकी टीम के लगभग 150 लोग मैदान में मौजूद थे। इसके अलावा राज्य के खेल मंत्री अरूप विश्वास द्वारा आमंत्रित करीब 300 लोग भी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के परिवार और उनके करीबी लोगों की भी भरमार कार्यक्रम में थी, जिसकी वजह से अव्यवस्था फैली। शतद्रु का आरोप है कि इन आमंत्रित लोगों में बड़ी संख्या में प्रभावशाली और राजनीतिक रूप से जुड़े लोग थे। पूछताछ के दौरान उसने यह भी दावा किया कि इनमें खास तौर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के परिवार के सदस्य और उनके करीबी लोग शामिल थे, जिनकी मौजूदगी के कारण सुरक्षा और तय कार्यक्रम व्यवस्था प्रभावित हुई।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शतद्रु ने कहा कि मेसी के मैदान में प्रवेश करते ही पहले से तय कार्यक्रम पूरी तरह बिगड़ गया। तय योजना के अनुसार मेसी की आवाजाही नहीं हो सकी। बार-बार उनके करीब जाने, आधा गले लगाने की कोशिश और लगातार सेल्फी लेने की होड़ के चलते स्थिति तेजी से नियंत्रण से बाहर चली गई। इसी कारण मेसी और उनकी टीम असहज और नाराज हो गई।

पूछताछ में शतद्रु ने कार्यक्रम पर हुए खर्च को लेकर भी जानकारी दी है। उसके अनुसार, पूरे आयोजन पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च हुए। इसमें ‘ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम इंडिया टूर’ के तहत मेसी को लगभग 89 करोड़ रुपये दिए गए। जीएसटी और अन्य खर्च जोड़ने के बाद कुल राशि करीब 100 करोड़ रुपये तक पहुंची।

जांच अधिकारियों के अनुसार, शतद्रु ने बताया कि कुल खर्च में से लगभग 30 करोड़ रुपये विभिन्न प्रायोजकों से प्राप्त हुए थे। इसके अलावा 30 से 35 करोड़ रुपये हैदराबाद से आए थे। शेष राशि टिकट बिक्री के जरिए जुटाने की योजना थी। शतद्रु ने यह भी बताया कि कोलकाता में टिकट बिक्री से करीब 20 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद थी। हालांकि, अव्यवस्था और नुकसान को देखते हुए पुलिस ने टिकट बिक्री से जुड़ी कंपनी को पत्र भेजकर फिलहाल यह राशि आयोजक की कंपनी को न देने का निर्देश दिया है। युवभारती स्टेडियम में तोड़फोड़ से हुए नुकसान की भरपाई को लेकर भी इसी राशि से भुगतान की मांग पर विचार किया जा रहा है।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर पूरे आयोजन की योजना, भीड़ प्रबंधन और फंडिंग से जुड़े पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। मामले में आगे और लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

(Udaipur Kiran) / ओम पराशर

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