
शिमला, 08 दिसंबर (Udaipur Kiran) . Himachal Pradesh में पेंशनरों के लंबित चिकित्सा बिलों और अन्य देनदारियों को लेकर जारी विवाद और गहराता जा रहा है. इसी मुद्दे पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने Chief Minister सुखविंदर सिंह सुक्खू पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार पिछले तीन वर्षों से पेंशनरों को केवल झूठे आश्वासन दे रही है, जबकि अब तक वास्तविक भुगतान नहीं किया गया.
संदीपनी भारद्वाज ने Monday को एक बयान में कहा कि Chief Minister बार-बार यह घोषणा कर रहे हैं कि एक माह के भीतर सभी लंबित चिकित्सा बिलों का भुगतान किया जाएगा, लेकिन पिछले तीन वर्षों से हजारों पेंशनर अपने ही पैसों के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं. उन्होंने कहा कि अगर सरकार संवेदनशील होती, तो पेंशनरों को सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन नहीं करना पड़ता.
भाजपा प्रवक्ता ने 28 नवंबर को धर्मशाला में विधानसभा सत्र के दौरान पेंशनरों द्वारा निकाली गई आक्रोश रैली का जिक्र करते हुए कहा कि यह रैली कांग्रेस सरकार की असफलताओं का स्पष्ट प्रमाण है. उन्होंने कहा कि समस्याओं से परेशान पेंशनरों का यह आंदोलन बताता है कि सरकार उनकी पीड़ा को गंभीरता से नहीं ले रही.
संदीपनी भारद्वाज ने कांग्रेस सरकार पर ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) के नाम पर भ्रम फैलाने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ओपीएस बहाली का ढिंढोरा पीटकर कर्मचारियों और पेंशनरों को गुमराह किया, लेकिन आज आर्थिक कुप्रबंधन की वजह से वह बुनियादी देनदारियां भी समय पर देने में नाकाम साबित हो रही है.
उन्होंने Chief Minister द्वारा पूर्व भाजपा सरकार पर वित्तीय अव्यवस्था के आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि भाजपा शासनकाल में कभी भी पेंशन, वेतन और चिकित्सा बिलों को लेकर कर्मचारियों को आंदोलन नहीं करना पड़ा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार अपनी विफलताओं की जिम्मेदारी भाजपा पर डालने की कोशिश कर रही है, ताकि जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाया जा सके.
भारद्वाज ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द पेंशनरों की देनदारियों का भुगतान नहीं किया, तो भाजपा पेंशनरों के साथ प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी. उन्होंने कहा कि भाजपा पेंशनरों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके अधिकारों की लड़ाई हर स्तर पर लड़ी जाएगी.
उन्होंने कहा कि पेंशनर जीवनभर प्रदेश की सेवा करने के बाद आज अपमान और आर्थिक संकट झेलने को मजबूर हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है.
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(Udaipur Kiran) / उज्जवल शर्मा
