
मेदिनीपुर, 11 दिसंबर (Udaipur Kiran) . पश्चिम मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोना-दो ब्लॉक के दायिकुंदु ग्राम में एक बीपीएल परिवार को भारी-भरकम बिजली बिल मिला है जो पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है. गोलाम नवी खान के घर बीपीएल श्रेणी का मीटर लगा है, फिर भी उन्हें दो लाख 83 हजार रुपये का बिल भेज दिया गया. इससे पहले भी उन्हें एक लाख रुपये से अधिक का बिल मिला था. इस मामले ने एक बार फिर West Bengal राज्य विद्युत वितरण कंपनी (डब्ल्यूबीएसईडीसीएल) की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं.
गुरुवार सुबह प्राप्त जानकारी के अनुसार, परिवार मज़दूरी कर अपना जीवनयापन करता है. इससे पहले आए एक लाख 83 हजार रुपये के बिल के खिलाफ उन्होंने शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला. इस बार पिछली बार के मुकाबले एक लाख अधिक का बिल मिलने से गोलाम नवी खान का पूरा परिवार चिंतित है.
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह बिल फर्जी प्रतीत होता है, क्योंकि गोलाम नवी खान ज्यादातर समय अपनी बेटी के घर रहते हैं और उनका अपना घर भी जर्जर अवस्था में है. ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बड़ी बिजली खपत संभव नहीं है.
वहीं, विद्युत विभाग का कहना है कि उनके रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2010 से अब तक कोई बिल जमा नहीं किया गया है. विभागीय अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और मीटर, पुराने बकाये तथा नए बिल—सभी की समीक्षा कर उचित रिपोर्ट तैयार की जाएगी.
ग्रामीणों ने मांग की है कि बीपीएल उपभोक्ता को राहत प्रदान की जाए और वास्तविक खपत के आधार पर नया, सही बिल जारी किया जाए. परिवार का कहना है कि इतने बड़े बिल का भुगतान करना उनके लिए असंभव है, इसलिए प्रशासन से हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की अपील की गई है.
(Udaipur Kiran) / अभिमन्यु गुप्ता
