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Friday, 30 October 2026
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किसान दिवस समारोह में किसानों के अधिकार, सम्मान और सशक्तिकरण पर मंथन

किसान दिवस समारोह में किसानों के अधिकार, सम्मान और सशक्तिकरण पर मंथन

जयपुर, 23 दिसंबर (Udaipur Kiran) । भारत रत्न से सम्मानित, किसानों के मसीहा एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह की 123वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) की ओर से मंगलवार को राष्ट्रीय किसान दिवस के रूप में विशेष समारोह का आयोजन पिंक सिटी प्रेस क्लब सभागार में किया गया। समारोह में किसानों के अधिकार, सम्मान और सशक्तिकरण को लेकर सार्थक व विचारोत्तेजक संवाद हुआ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह अवाना ने की। मुख्य अतिथि के रूप में आरएलडी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) त्रिलोक त्यागी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ समाजसेवी एवं भामाशाह विजय पूनिया मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्य अतिथि त्रिलोक त्यागी ने स्व. चौधरी चरण सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर प्रदेश पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में किसान प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि त्रिलोक त्यागी ने अपने संबोधन में कहा कि स्व. चौधरी चरण सिंह ने “ग्रामीण भारत ही असली भारत है” का नारा देकर देश को नई दिशा दी। उनका मानना था कि देश का विकास खेत-खलिहानों से होकर गुजरता है और वे सदैव किसानों, मजदूरों और गरीबों के हितों के लिए प्रतिबद्ध रहे। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने सभी वर्गों और जातियों को साथ लेकर चलने का कार्य किया। गांवों में शौचालय की आवश्यकता को सबसे पहले प्रमुखता से उठाया तथा काम के बदले अनाज जैसी योजनाओं की शुरुआत की।

त्यागी ने कहा कि किसान हितों के लिए उन्होंने गृह मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद का भी त्याग किया, जो उनके सिद्धांतों और समर्पण को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि आरएलडी आज भी एनडीए गठबंधन के साथ रहते हुए किसान, मजदूर और गरीबों के हितों की आवाज मजबूती से उठा रही है। आने वाले समय में प्रदेश के सभी जिलों में चौधरी चरण सिंह के विचारों पर संगोष्ठियां आयोजित की जाएंगी।

प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह अवाना ने कहा कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी से कार्य करना होगा। उन्होंने बताया कि स्व. चौधरी चरण सिंह की जयंती के उपलक्ष्य में यह आयोजन सात दिनों तक प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित किया जाएगा, ताकि उनके किसान हितैषी विचारों और नीतियों को जन-जन तक पहुंचाया जा सके।

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(Udaipur Kiran)

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