
New Delhi, 12 दिसंबर (Udaipur Kiran) . केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने Uttar Pradesh के नोएडा में अमेरिकी नागरिकों से करीब 68 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 6 लोगों को गिरफ्तार किया. सीबीआई की इस कार्रवाई में अमेरिकी संघीय जांच एजेंसी (एफबीआई) का भी सहयोग रहा.
सीबीआई के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों के नाम शुभम सिंह (उर्फ डॉमिनिक), डेल्टानलियन (उर्फ माइकल), जॉर्ज टी जामलियानल (उर्फ माइल्स), एल. सेमिनलें हाओकिप (उर्फ रॉनी), मंगखोलुन (उर्फ मैक्सी) और रॉबर्ट थांगखंखुआल (उर्फ डेविड/मुनरोइन) हैं. ये आरोपित अमेरिकी सरकारी एजेंसियों, जैसे ड्रग एन्फोर्समेंट एजेंसी (डीईए), एफबीआई और सोशल सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन (एसएसए) के अधिकारियों के नाम पर कॉल सेंटर चलाकर लोगों को ठगते थे.
एजेंसी ने बताया कि इन आरोपितों ने साल 2022 से 2025 तक अमेरिकी नागरिकों को यह धमकी दी कि उनके सोशल सिक्योरिटी नंबर (एसएसएन) का उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग डिलीवरी में हुआ है और उनका बैंक खाता फ्रीज कर दिया जाएगा. इसके बाद उन्होंने पीड़ितों को अपने पैसे सुरक्षित करने के लिए 8.5 मिलियन डॉलर को क्रिप्टोकरंसी वॉलेट्स और विदेशी बैंक खातों में ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया.
सीबीआई ने 10 और 11 दिसंबर 2025 को दिल्ली, नोएडा और कोलकाता में छापेमारी की, जिसमें 1.88 करोड़ रुपये नकद और 34 इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (मोबाइल फोन, लैपटॉप, पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क) सहित कई आपराधिक सबूत बरामद किए गए. सीबीआई ने बताया कि मामले की जांच जारी है, जिसमें अपराध की आय का पता लगाने और अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क के अन्य दोषियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है.
————
(Udaipur Kiran) / प्रशांत शेखर
