
रांची, 13 नवंबर (Udaipur Kiran) . Jharkhand के स्वर्णिम 25 वर्ष में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) का अहम योगदान रहा है. सीसीएल की ओर से गुरुवार को राज्य के गठन को लेकर प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि Jharkhand अपनी प्राकृतिक संपदा, सांस्कृतिक विरासत और कर्मशील लोगों के लिए प्रसिद्ध है. 15 नवम्बर, 2000 को राज्य गठन के बाद से Jharkhand ने विकास के कई नए आयाम स्थापित किए हैं. 15 नवम्बर, 2025 को जब राज्य अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर रहा है, इस गौरवपूर्ण यात्रा में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड ने एक सशक्त सहयात्री के रूप में योगदान दिया है.
Jharkhand के हृदय में बसे इस सार्वजनिक उपक्रम ने न केवल ऊर्जा उत्पादन की दिशा में देश को सशक्त बनाया है, बल्कि राज्य की सामाजिक, आर्थिक और मानवीय प्रगति में भी अपनी अमिट छाप छोड़ी है.
सीसीएल, कोल इंडिया लिमिटेड की एक सहायक कंपनी, Jharkhand की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक इकाई है. अपने परिचालन से यह राज्य के राजस्व में प्रतिवर्ष बड़ा योगदान देती है. लेकिन सीसीएल का योगदान केवल आर्थिक नहीं है, यह राज्य के सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने वाला संवेदनशील संगठन भी है. अपने कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) कार्यक्रमों के माध्यम से सीसीएल ने Jharkhand के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, खेल, पर्यावरण संरक्षण और आजीविका के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है.
वित्तीय वर्ष 2024-25 में सीसीएल का कुल सीएसआर व्यय लगभग 80 करोड़ रहा, जिसे शिक्षा, आजीविका, स्वास्थ्य और पोषण, ग्रामीण विकास, खेल प्रोत्साहन एवं अन्य सामाजिक क्षेत्रों में व्यय किया गया. इनमें से 80 प्रतिशत राशि सीसीएल के परिचालन क्षेत्रों के 25 किमी दायरे में और शेष Jharkhand के अन्य हिस्सों में खर्च की गई, जो दर्शाता है कि कंपनी का ध्यान राज्य के भीतर ही राज्य के लोगों पर केंद्रित है.
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(Udaipur Kiran) / Vinod Pathak
