
गुवाहाटी, 01 दिसंबर (Udaipur Kiran) . “एक भारत श्रेष्ठ भारत” पहल के तहत लोक भवन Assam में Monday को नगालैंड स्थापना दिवस गरिमामय ढंग से मनाया गया. लोक भवन के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित इस समारोह में राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. कार्यक्रम का उद्देश्य विविधता में एकता की भावना को सुदृढ़ करना और राज्यों के बीच सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देना था.
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल आचार्य ने नगालैंड के समृद्ध संस्कृति, जीवंत परंपराओं और अद्वितीय जनजातीय विरासत की सराहना की. उन्होंने कहा कि नगा समाज के साहस, परिश्रम और सम्मान के मूल्य पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत हैं.
राज्यपाल ने कहा कि नगालैंड की लोक कला, हस्तशिल्प, लोक परंपराएं और जनजातीय संस्कृति भारत की सांस्कृतिक विविधता को और अधिक समृद्ध बनाती हैं. उन्होंने विशेष रूप से हॉर्नबिल महोत्सव का उल्लेख करते हुए इसे “नगा समाज की आत्मा का उत्सव” बताया, जो वैश्विक मंच पर राज्य की पहचान को मजबूत कराता है.
इस अवसर पर राज्यपाल ने नगालैंड की वीर स्वतंत्रता सेनानी रानी गाइदिनल्यू को श्रद्धांजलि भी अर्पित की और कहा कि भारत की आज़ादी की लड़ाई में उनका योगदान हमेशा प्रेरणा देता रहेगा.
नगालैंड की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए आचार्य ने कहा कि राज्य के प्रचुर जल संसाधन, खनिज संपदा, अनुकूल जलवायु और मेहनतकश जनमानस आर्थिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य का स्थापना दिवस उसके नायकों, संस्कृति और परंपराओं को याद कर नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने का अवसर होता है.
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस दृष्टिकोण को भी याद किया, जिसके तहत “एक भारत श्रेष्ठ भारत” की पहल की शुरुआत हुई, जिसका उद्देश्य देश की सांस्कृतिक एकता और परस्पर समझ को मजबूत करना है.
कार्यक्रम के दौरान नगालैंड की पारंपरिक संगीत और सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करते हुए एक सांस्कृतिक प्रस्तुति भी आयोजित की गई.
समारोह में नगालैंड की एडिशनल एडवोकेट जनरल मोनिका केची, सीडीए (आर्मी) गुवाहाटी की असिस्टेंट कंट्रोलर ऑफ डिफेन्स अकाउंट्स ओतुला ओजुकुम, जीएडी के अतिरिक्त सचिव पार्थ पेगू, पीपीए टू गवर्नर डॉ. एसएन भौमिक, नगालैंड हाउस गुवाहाटी की डीआरसी इलिका झिमोमी सहित अनेक गरिमामय अतिथि उपस्थित रहे.
(Udaipur Kiran) / श्रीप्रकाश
