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Thursday, 29 October 2026
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केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के नियम और अधिक सख्त किये

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डिजिटल दुनिया में बढ़ते फर्जी कंटेंट, अश्लीलता और साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के नियम और अधिक सख्त कर दिए हैं। आईटी नियम 2021 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 के तहत अब डिजिटल कंपनियों की जवाबदेही बढ़ा दी गई है। शिकायतों पर तय समय में कार्रवाई करना और अनुपालन रिपोर्ट देना अनिवार्य होगा। सरकार का यह कदम खासतौर पर महिलाओं और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है।

अश्लील और भ्रामक कंटेंट पर कड़ा शिकंजा

नए प्रावधानों के तहत सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को अश्लील, आपत्तिजनक, नफरत फैलाने वाले और भ्रामक कंटेंट को होस्ट या प्रसारित करने से रोकना होगा। आईटी अधिनियम 2000 और आईटी नियम 2021 के तहत यह स्पष्ट किया गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर गलत और गैरकानूनी सामग्री को रोकने की पूरी जिम्मेदारी कंपनियों की होगी।

डीपफेक और एआई कंटेंट पर रोक

सरकार ने डीपफेक, एआई से बनी फर्जी पहचान और किसी व्यक्ति की नकल करने वाले कंटेंट पर भी सख्त प्रतिबंध लगा दिया है। अदालत या सरकार के निर्देश मिलने पर संबंधित कंटेंट को तय समयसीमा में हटाना अब कानूनी बाध्यता होगी। खासतौर पर नग्नता, निजता के उल्लंघन और फर्जी पहचान से जुड़े कंटेंट को 24 घंटे के भीतर हटाना अनिवार्य किया गया है। इन नियमों से डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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(Udaipur Kiran) / लोकेश चंद्र दुबे

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