
नैनीताल, 10 दिसंबर (Udaipur Kiran) . दोगांव-डोलमार मार्ग पर नैनीताल जनपद के सीजेएम यानी मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के सरकारी बोलेरो वाहन को रोककर टैक्सी चालक और उसके साथियों द्वारा मारपीट, धनराशि की मांग और जान से मारने की धमकी दिये जाने का मामला सामने आया है. तल्लीताल थाना पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा पहुँचाने, धमकी देने और मार्ग अवरुद्ध करने के आरोप में Indian न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत कर जांच प्रारम्भ कर दी है.
वाहन चालक की ओर से पुलिस में दी गयी शिकायत के अनुसार मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के सरकारी वाहन से हल्द्वानी किशोर न्याय बोर्ड के निरीक्षण से लौटते समय दोगांव-डोलमार क्षेत्र पर सामने से आ रही रोडवेज बस के गलत ओवरटेक के कारण आगे चल रही टैक्सी ने अचानक ब्रेक लगाया, किन्तु बोलेरो के नियंत्रित होने से दुर्घटना टल गई. इसके बावजूद लगभग एक-दो किलोमीटर आगे टैक्सी चालक ने वाहन तिरछा खड़ा कर सरकारी बोलेरो का रास्ता रोक दिया और धनराशि मांगने लगा. विरोध करने पर उसने चालक राजेंद्र सिंह का कॉलर पकड़कर नीचे खींच लिया. बाद में उसके कई परिचित भी वहां पहुंच गये और मार्ग अवरुद्ध कर दिया.
शिकायत में कहा गया है कि टैक्सी चालक और उसके साथियों ने न केवल सरकारी कार्य में बाधा डाली बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी. चालक ने आशंका व्यक्त की है कि आरोपित स्थानीय होने के कारण भविष्य में भी सुरक्षा जोखिम उत्पन्न हो सकता है. सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति नियंत्रित की. प्रकरण में Indian न्याय संहिता की धाराएं 115(2), 126, 132, 221, 308(2), 351(3) और 352 के अंतर्गत अज्ञात टैक्सी चालक और उसके साथियों पर अभियोग दर्ज किया गया है. जांच उप निरीक्षक सतीश चंद्र उपाध्याय को सौंपी गई है.
(Udaipur Kiran) / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी
