

– इंडिगो कंपनी पर 9 हजार करोड़ रुपये जुर्माना लगाने की मांग
रायपुर, 09 दिसंबर (Udaipur Kiran) . देशभर में इंडिगो एयरलाइंस की बड़ी संख्या में उड़ाने कैंसिल और लेट होने को लेकर Chhattisgarh सिविल सोसायटी ने कड़ा रुख अपनाते हुए एयरलाइन प्रबंधन को लीगल नोटिस भेजा है. सोसायटी ने केंद्र सरकार से इंडिगो कंपनी पर 09 हजार करोड़ रुपये के जुर्माना लगाने की मांग की है. साथ ही पीड़ित यात्रियों को इंडिगो टिकट कीमत का 10 गुना मुआवजा दिए जाने की मांग की गई है. कंपनी को इस बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द करने के वास्तविक और पारदर्शी कारणों का सार्वजनिक विवरण जारी करने को भी कहा गया है.
सोसायटी के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी ने आज जानकारी दी कि यह नोटिस इंडिगो एयरलाइंस के प्रबंध निदेशक/मुख्य कार्यकारी अधिकारी को भेजा गया है. नोटिस में कहा गया है कि यह कदम न केवल यात्रियों के अधिकारों का उल्लंघन है बल्कि Indian कानूनों और नागरिक उड्डयन नियमों की भी खुली अवहेलना है. इंडिगो एयरलाइंस ने बिना किसी पूर्व सूचना और बिना पारदर्शी कारण बताए अत्यंत मनमाने ढंग से हजारों यात्रियों की यात्रा योजनाओं को बाधित किया. यात्रियों को भारी आर्थिक नुकसान, मानसिक कष्ट और समय की हानि का सामना करना पड़ा है. प्रभावित लोगों में वरिष्ठ नागरिक, बच्चे, महिलाएं, रोगी तथा व्यवसायी बड़ी संख्या में शामिल हैं, जिनके लिए अचानक रद्दीकरण किसी आपदा से कम नहीं साबित हुआ.
Chhattisgarh सिविल सोसायटी ने अपने नोटिस में कहा है कि इंडिगो का यह कृत्य Indian अनुबंध अधिनियम, 1872, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019, विमानन नियम तथा डीजीसीए द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का गंभीर उल्लंघन है. सोसायटी ने इसे ‘घोर अनुबंधभंग’ और ‘सेवा में कमी’ का स्पष्ट मामला बताया है.
नोटिस में इंडिगो एयरलाइंस से मांग की गई है कि वह प्रत्येक प्रभावित यात्री को उसके टिकट मूल्य का कम से कम दस गुना मुआवजा और होटल, वैकल्पिक यात्रा, चिकित्सा खर्च जैसे सभी प्रत्यक्ष नुकसान की पूर्ण प्रतिपूर्ति पांच कार्य दिवसों के भीतर सुनिश्चित करें.
Chhattisgarh सिविल सोसायटी ने आगे बताया है कि पीड़ित यात्रियों की ओर से इस मामले में माननीय प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री को विस्तृत शिकायत भेजी जा चुकी है. नोटिस में चेतावनी दी गई है कि यदि एयरलाइन ने निर्धारित समय सीमा में मुआवजा और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की, तो सोसायटी प्रभावित यात्रियों के साथ मिलकर कानूनी कार्रवाइयां शुरू करेगी. संस्था सक्षम न्यायालयों और प्राधिकरणों में सिविल, आपराधिक कार्रवाई शुरू करने के लिए बाध्य होगी.
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(Udaipur Kiran) / केशव केदारनाथ शर्मा
