
हैदराबाद, 08 दिसंबर (Udaipur Kiran) . Chief Minister रेवंत रेड्डी ने Monday को कहा कि तेलंगाना विकास में एक लंबी छलांग लगाएगा. उन्होंने कहा कि वे 2047 के लिए नए लक्ष्य तय करके आगे बढ़ रहे हैं. उनका मकसद तेलंगाना को तीन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला राज्य बनाना है.
Monday को फ्यूचर सिटी में आयोजित तेलंगाना राइजिंग ग्लोबल समिट में Chief Minister रेवंत रेड्डी ने राज्य के भविष्य के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप पेश करते हुए कहा कि तेलंगाना भारत का सबसे उन्नत और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी राज्य बनने की राह पर है. उन्होंने कहा कि विकास के लिए उद्योगपतियों और अर्थशास्त्रियों से सुझाव मांगे जा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि तेलंगाना में बहुत सारे मौके हैं. यहां अच्छा सकारात्मक माहौल भी है. Chief Minister ने कहा कि उन्होंने राज्य को 2047 तक 3 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी में बदलने का संकल्प लिया है. उन्होंने कहा कि तेलंगाना में देश की लगभग 2.9 प्रतिशत आबादी रहती है. तेलंगाना देश की जीडीपी में लगभग 5 प्रतिशत का योगदान देता है. उन्होंने भरोसा जताया कि उनका लक्ष्य 2047 तक भारत की जीडीपी में 10 प्रतिशत का योगदान देना है. उन्होंने कहा कि तेलंगाना को तीन हिस्सों में बांटा गया है. यानी सर्विस सेक्टर, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और एग्रीकल्चर सेक्टर. उन्होंने कहा कि इसके लिए कोर अर्बन रीजन इकॉनमी, पेरी अर्बन रीजन इकॉनमी और रूरल एग्रीकल्चर रीजन इकॉनमी मॉडल बनाए गए हैं.
Chief Minister रेड्डी ने आगे कहा कि देश की आजादी के बाद हमारे नेताओं ने एक नया संविधान बनाकर भविष्य के लिए एक रोड मैप बनाया. वे तेलंगाना के भविष्य के लिए भी एक रोड मैप बनाना चाहते थे. रेड्डी ने कहा कि उन्होंने महात्मा गांधी, डॉ. बीआर अंबेडकर से बहुत प्रेरणा ली है.
उन्होंने कहा कि तेलंगाना के लोगों ने दशकों तक अलग राज्य के लिए लड़ाई लड़ी है. 2014 में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और उस समय के प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में अलग तेलंगाना राज्य का सपना पूरा हुआ. उन्होंने कहा कि तेलंगाना भारत में एक युवा राज्य के तौर पर उभरा है. अगले दस सालों में हम तेलंगाना को देश का सबसे विकसित राज्य और दुनिया का सबसे बेहतरीन और सभी निवेशकों के लिए, एक उपयुक्त निवेश गंतव्य की रूप में पेश करने का प्रयास जारी है.
Chief Minister रेवंत रेड्डी ने कहा कि हम खुशकिस्मत हैं कि इस ग्लोबल समिट में सभी क्षेत्र के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं. उन्होंने उद्योगपति, कॉर्पोरेट दिग्गजों, नीतिनिर्धारकों, सरकारी अधिकारियों और अलग-अलग क्षेत्र के विशेषज्ञों को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि वह इस समिट में आपके सुझाव, सलाह और राय लेने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें पक्का यकीन है कि आप सबके सहयोग से हम तेलंगाना राइजिंग के सभी लक्ष्य हासिल कर सकते हैं. यह तेलंगाना राइजिंग एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है.
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(Udaipur Kiran) / नागराज राव
