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Thursday, 29 October 2026
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हिसार व हांसी के निर्माण कार्यों में मिली अनियमितताएं, सीएम फ्लाइंग ने किया निरीक्षण

हिसार के जवाहर नगर में निर्माण कार्यों का निरीक्षण करती सीएम फ्लाइंग टीम।

हिसार में 94 लाख की लागत से बनी मास्टिक लेयर सड़कों का निरीक्षण, तीन सैंपल लिएहांसी में नागरिक अस्पताल में बनी इमारत में गड़बड़ी की शिकायत, टीम ने चार सैंपल भरे

हिसार, 20 दिसंबर (Udaipur Kiran) । निर्माण कार्यों में अनियमितताओं और धांधली की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सीएम फ्लाइंग टीम ने हिसार और हांसी में अलग-अलग स्थानों पर निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने मास्टिक लेयर सड़क तथा नागरिक अस्पताल में बनवाई गई इमारत के निर्माण कार्यों के सैंपल लिए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा।टीम में सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज इंचार्ज सुनैना, उनके साथ एचपीएचसी के एसडीओ राजेश कुमार, पीडब्ल्यूडी विभाग के जेई आशीष कुमार, नगर निगम के जेई कुलदीप, एएसआई सुरेंद्र तथा हेड कांस्टेबल विजय टीम में शामिल रहे।सीएम फ्लाइंग टीम शनिवार काे हिसार के जवाहर नगर पहुंची, जहां नगर निगम द्वारा टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से लगभग 94 लाख रुपये की लागत से मास्टिक लेयर सड़कों का निर्माण कराया गया है। टीम को मिली शिकायत में आरोप लगाए गए थे कि सड़क निर्माण के दौरान निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया गया। शिकायत के अनुसार मास्टिक लेयर सड़क निर्माण में कॉरपेंटिंग (लोहे के पतले तारों की जाली) बिछाकर तारकोल व कसर मिक्सर की मोटी परत तथा ऊपर से मोटी रोड़ी डाली जानी थी, लेकिन ठेकेदार द्वारा कई स्थानों पर कॉरपेंटिंग नहीं डाली गई और घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग किया गया। इसके अलावा, कुछ गलियों में मास्टिक लेयर सड़क की जगह सीसी (सीमेंट) सड़क बना दी गई, जिससे स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है। मौके पर भी नागरिकों ने टीम को सड़क निर्माण में अनियमितता बरतने की शिकायत की। आरोप यह भी लगाए गए हैं कि ठेकेदार द्वारा यह कार्य नगर निगम के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से कराया गया। सीएम फ्लाइंग टीम ने मौके पर पहुंचकर सड़कों का गहन निरीक्षण किया और मास्टिक लेयर सड़क के तीन सैंपल भरे। टीम ने तकनीकी अधिकारियों के साथ यह भी जांच की कि निर्माण कार्य टेंडर शर्तों और स्वीकृत डिजाइन के अनुसार किया गया है या नहीं।सीएम फ्लाइंग टीम हांसी के नागरिक अस्पताल पहुंची, जहां लोक निर्माण विभाग द्वारा अस्पताल परिसर के पीछे ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (बीपीएचयू) के लिए लगभग 46 लाख रुपये की लागत से एक नई इमारत का निर्माण कराया गया था। शिकायत में आरोप लगाए गए कि भवन का निर्माण कार्य निर्धारित समय से देरी से पूरा किया गया और इसमें निम्न स्तर की निर्माण सामग्री का प्रयोग किया गया। इसका परिणाम यह रहा कि इमारत का फर्श कुछ ही महीनों में धंसने लगा तथा दीवारों व अन्य हिस्सों में दरारें आ गईं। सीएम फ्लाइंग टीम ने भवन का बारीकी से निरीक्षण किया और निर्माण कार्य से संबंधित चार अलग-अलग सैंपल लिए, जिन्हें जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा।

(Udaipur Kiran) / राजेश्वर

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