उम्रकैद की सजा भुगत रहे हत्यारोपितों की सशर्त जमानत मंजूर

इलाहाबाद हाईकाेर्ट

सजा निलम्बित, आधा जुर्माना एक माह में जमा करने पर शेष की वसूली पर रोक

Prayagraj, 9 दिसंबर (Udaipur Kiran) . इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हत्या मामले में उम्रकैद की सजा भुगत रहे उमाशंकर पासवान व छह अन्य की सशर्त जमानत मंजूर कर ली है.

कोर्ट ने कहा, सजा के खिलाफ अपील की शीघ्र सुनवाई की उम्मीद नहीं है. इसलिए याचीगण जमानत पाने के हकदार हैं. यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ तथा न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने याची के अधिवक्ता को सुनकर दिया है. याचीगण कै खिलाफ थाना पुरन्दरपुर, महाराजगंज में एफआईआर दर्ज की गई थी. सत्र अदालत ने अपराध का दोषी मानते हुए उम्रकैद सहित अन्य सजा सुनाई है.

शिकायतकर्ता के घर के सामने गांव सभा की जमीन है. जिस पर कब्जे को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हुआ. जिसमें इलाज के दौरान दो लोगों की मौत हो गई. अभियुक्तों पर आरोप है कि लाठी, बल्लम हथियारों से लैस होकर जमीन पर 28 जून 2012 को दोपहर साढ़े 12 बजे कब्जा करने की कोशिश की. याची का कहना था मुख्य आरोपित झिनक है, जिसकी विचारण के दौरान मौत हो चुकी है. याचियों की भूमिका स्पष्ट नहीं है. वे छह जनवरी 24 से जेल में बंद हैं. सजा के खिलाफ अपील की शीघ्र सुनवाई होने की सम्भावना नहीं है.

कोर्ट ने कहा, इस कोर्ट में रोज सौ केस लगते हैं जिनका तय हो पाना संभव नहीं है. निकट भविष्य में इस अपील की सुनवाई की सम्भावना नहीं है. कोर्ट ने जमानत अर्जी मंजूर करते हुए अपील का पेपर बुक तैयार करने का निर्देश दिया है. और रिहा होने के एक माह के भीतर आधी जुर्माना राशि जमा करने तथा शेष की वसूली पर रोक लगा दी है. साथ ही सजा को निलम्बित कर दिया है.

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(Udaipur Kiran) / रामानंद पांडे

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