
New Delhi, 6 दिसंबर (Udaipur Kiran) . तमिलनाडु के तिरुवल्लूर लोकसभा क्षेत्र के कांग्रेस सांसद शशिकांत सेंथिल ने देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो के उड़ान संकट को लेकर केंद्र सरकार पर मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि लोग अपने सामानों के साथ हवाई अड्डों पर जूझ रहे हैं लेकिन देश में किसी भी जिम्मेदार को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है. कोई भी यात्रियों की मदद करने को तैयार नहीं है. सरकार बताए कि इंडिगो बाजार में 60 से 65 फीसदी हिस्सेदारी के साथ एकाधिकार वाली विमानन कंपनी कैसे बन गई?
सांसद सेंथिल ने यहां कांग्रेस मुख्यालय में Saturday को प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि लोगों को घंटों एयरपोर्ट पर बिना भोजन-पानी के इंतजार करना पड़ रहा है, बुजुर्गों व बच्चों के लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं है. कई यात्री Examination ओं, जरूरी कार्यक्रमों और पारिवारिक आपात स्थितियों में शामिल नहीं हो पाए. देश में पिछले 4-5 दिन हवाई यात्रा इतिहास के सबसे बुरे दिन रहे हैं. कल एक हजार से ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं, आज भी 600 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी हैं. लाखों यात्री फंसे हुए हैं और किसी जिम्मेदार को कोई फर्क नहीं पड़ता. उन्होंने कहा कि जनवरी-मार्च 2024 के लिए बदले गए डीजीसीए के नए नियमों पर कार्रवाई पहले क्यों नहीं की. सरकार एयरलाइंस के एकाधिकार को बढ़ावा दे रही है. इंडिगो की बाजार हिस्सेदारी 60-65 फीसदी कैसे पहुंच गई? वह एकाधिकार वाली एयरलाइन कैसे बन गई? सरकार जवाब दे.
उधर, नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा कि नए उड़ान ड्यूटी समय सीमा नियम 1 नवंबर से लागू हैं, लेकिन किसी अन्य एयरलाइन को परेशानी नहीं आई. इससे स्पष्ट है कि समस्या इंडिगो की ओर से है. इंडिगो की लापरवाही की जांच होगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
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(Udaipur Kiran) / प्रशांत शेखर
