
उत्तरकाशी, 6 दिसंबर (Udaipur Kiran) कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह रावत ने कहा कि कांग्रेस 2027 में सत्ता में आते ही बंद पड़ी 600 मेगावाट की लोहारी नाग–पाला परियोजना को पुनः शुरू करने की प्रक्रिया तेज की जाएगी.
उन्होंने कहा कि परियोजना से जितनी पर्यावरणीय क्षति होनी थी, वह पहले ही हो चुकी है अब राज्य को इसके राजस्व लाभ से वंचित नहीं किया जाना चाहिए.
कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप रावत ने जनपद उत्तरकाशी में बाहरी राज्यों से आने वाले स्वयंभू पर्यावरणविदों के भ्रामक बयानों और विकास-विरोधी प्रचार करार दिया है.
कांग्रेस जिलाध्यक्ष बयान जारी कर कहा कि ये स्वयंघोषित पर्यावरणविद सीमांत जनपद के दुर्गम क्षेत्रों के विकास के घोर विरोधी हैं. इन्हें यह तक ज्ञात नहीं कि Uttarakhand में विगत वर्षों में वन भूमि क्षेत्रफल में निरंतर बढ़ोतरी दर्ज हुई है.उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी जनपद सामरिक दृष्टि और चार धाम यात्रा के लिहाज से अति महत्वपूर्ण है . इन क्षेत्रों में आपदा के बाद सुरक्षा कार्यों एवं आवश्यक निर्माण कार्यों की तत्काल जरूरत है, जिनका ये कथित पर्यावरण हितैषी लगातार विरोध करते रहते हैं.
कांग्रेस कमेटी स्थानीय युवाओं और जनमानस से आह्वान करती है कि ये “पर्यावरण” का मुखौटा पहनकर आने वाले लोग, जो अपने घरों में 10–10 एसी लगाकर रहते हैं, हमारे क्षेत्र के विकास को रोकने के लिए बाधा उत्पन्न करते हैं.
(Udaipur Kiran) / चिरंजीव सेमवाल
