
जोधपुर, 15 दिसम्बर (Udaipur Kiran) . Haryana के बीजेपी विधायक रणधीर पनिहार के जोधपुर दौरे ने बिश्नोई समाज में नया सियासी तूफान खड़ा कर दिया है. जोधपुर एयरपोर्ट पर उनका फूल-मालाओं और समाज के साफे से गर्मजोशी से स्वागत किया गया था. इससे अब समाज के बड़े संत भडक़ गए.
आरोप है कि रणधीर पनिहार ने समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ बदसलूकी की थी. अब उसे ही सम्मान दिया जा रहा है. दरअसल 11 दिसंबर को हिसार से पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई जोधपुर आए थे. उनके साथ Haryana के नलवा से भाजपा विधायक रणधीर पनिहार भी थे. जोधपुर एयरपोर्ट पर समाज के लोगों ने कुलदीप के साथ पनिहार को भी फूल-मालाएं पहनाईं. समाज की ओर से साफा बांधा और उन पर फूल बरसाए. इसी स्वागत पर बिश्नोई समाज के प्रमुख संत और योग गुरु संत लालदास ने वीडियो संदेश जारी कर कड़ा एतराज जताया है. पनिहार को समाज का दुश्मन बताते हुए कहा कि जिसे सबक सिखाना था, उसे मंच के बीच खड़ा कर सम्मान दे दिया गया. करीब पांच मिनट के वीडियो में संत लालदास ने कहा है- कुलदीप बिश्नोई का सम्मान करना उनका फर्ज है, क्योंकि अपना तो अपना ही होता है, लेकिन रणधीर पनिहार को माला पहनाना और साफा बांधना उनकी नजर में गलती है. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले साल पनिहार ने अखिल Indian बिश्नोई महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बूडिय़ा के साथ जो व्यवहार किया, वह बेहद निंदनीय था. ऐसे व्यक्ति को दुश्मन समझकर सबक सिखाना चाहिए था, न कि गले लगाकर सेल्फी लेनी चाहिए थी.
अध्यक्ष को ‘प्रधानमंत्री-President’ जैसा दर्जा
संत लालदास ने कहा कि अखिल Indian बिश्नोई महासभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष किसी एक व्यक्ति का नहीं, पूरे समाज का प्रतिनिधि होता है. उनके शब्दों में, समाज के लिए अध्यक्ष का दर्जा इतना ऊंचा है कि उसे President और प्रधानमंत्री की तरह सम्मानित माना जाता है. ऐसे पद पर बैठे व्यक्ति के साथ गलत बर्ताव करने वाले को सम्मान देना पूरे समाज का अपमान है. संत ने समाज के लोगों पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि जो लोग जरूरत पडऩे पर हाथ-पैर जोड़ते हैं, वही काम निकल जाने के बाद शेर बन जाते हैं, यह कहां तक ठीक है. वे तीन दिन से इस घटना को याद कर परेशान हैं. दिल में चोट है कि समाज के लोग अपने ही अध्यक्ष का अपमान करने वाले व्यक्ति को साफा पहनाकर सिर पर बिठा रहे हैं.
(Udaipur Kiran) / सतीश
