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Friday, 30 October 2026
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शेयर बाजार में निवेश के नाम पर साइबर अपराधियों ने की 61 लाख रुपए की ठगी

प्रतीकात्मक छवि

गौतम बुद्ध नगर, 14 अक्टूबर (Udaipur Kiran News) । साइबर अपराधियों ने शेयर बाजार में निवेश कर मुनाफा कमाने का झांसा देकर एक कारोबारी से 61 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपियों ने पांच बैंक खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर कराई। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

अपर पुलिस उपायुक्त शैव्या गोयल ने बताया कि सेक्टर-143 निवासी प्रथम अग्रवाल ने आज साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उनके अनुसार इसी साल अप्रैल माह में उन्होंने निवेश संबंधी विज्ञापन सोशल मीडिया पर देखा। ज्यादा जानकारी एकत्र करने के प्रयास में उन्हें एक लिंक मिला। इस पर क्लिक करते ही वह एक ग्रुप में जुड़ गए। ग्रुप में कई अन्य सदस्य मौजूद थे।

एक व्यक्ति यहां पर निवेश संबंधी जानकारी दे रहा था। उसके बताए अनुसार ग्रुप के सदस्य विभिन्न कंपनियों और शेयर बाजार में निवेश कर रहे थे और लगातार मुनाफा कमा रहे थे। सदस्यों द्वारा मुनाफे के स्क्रीनशॉट भी साझा किए जा रहे थे। यह सब देखकर प्रथम ने भी निवेश कर मुनाफा कमाने का सोचा। इसी दौरान एक अन्य व्यक्ति उनसे पर्सनल चैट पर बात करने लगा।

उन्होंने बताया कि विश्वास में लेने के बाद उसने प्रथम पर निवेश का दबाव बनाया। प्रथम ने पहली बार में कम राशि निवेश की। इस पर उसे मुनाफा हुआ। मुनाफे समेत रकम निकालने की अनुमति उनको दी गई। ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में प्रथम ने ठगों के कहने पर दस से अधिक बार में 61 लाख रुपये निवेश कर दिए। पूरी प्रक्रिया के दौरान ठगों ने उनको एक ऐप भी डाउनलोड कराया। इस पर निवेश की राशि बढ़ती हुई दिख रही थी। मुनाफा एक करोड़ रुपये के ऊपर पहुंच चुका था। ऐप पर बढ़ती रकम को देखकर शिकायतकर्ता लगातार निवेश करता रहा। अचानक से जुलाई में उसे कुछ रकम की आवश्यकता पड़ गई। उसने निवेश की रकम मुनाफे समेत निकालने का प्रयास किया। इस पर ठग विभिन्न टैक्स का हवाला देते हुए और रुपये ट्रांसफर करने का दबाव बनाने लगे। ऐसा करने से मना करने पर ठगों ने शिकायतकर्ता से कहा कि जब तक वह कर की राशि नहीं ट्रांसफर करेगा, तब तक संपूर्ण रकम नहीं निकल सकेगी।

यहीं से शिकायतकर्ता को अपने साथ ठगी होने का अहसास हुआ। वह समझ गया कि वह ठगों के चंगुल में फंस गया है। जब उसने रकम वापस करने का दबाव बनाया तो ठगों ने उससे संपर्क ही तोड़ लिया। बाद में पता चला कि ग्रुप के जो सदस्य मुनाफे का स्क्रीनशॉट साझा कर रहे थे, वे भी ठग गिरोह के सदस्य थे। वे प्रथम को निवेश के लिए झांसे में लेने के लिए कर रहे थे। उन्होने बताया कि जैसे ही मामला संज्ञान में आया, उन खातों की जांच शुरू कर दी गई, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर हुई थी। ठगी की कुछ रकम को संबंधित बैंक के अधिकारियों से बात करके फ्रीज भी करा दिया गया है। शेष रकम को भी फ्रीज कराने का प्रयास किया जा रहा है। पूरी संभावना है कि ठगों ने रकम किराये के खातों में ट्रांसफर कराई होगी। आजकल निवेश संबंधी मामले में म्यूल और किराये के खातों का ही इस्तेमाल हो रहा है। ऐसा करने वाले 30 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी भी साइबर क्राइम थाने की पुलिस इस साल कर चुकी है। ठगों को बैंक खाते मुहैया कराने वालों की गिरफ्तारी के लिए साइबर क्राइम थाने में एक अलग से टीम बनी हुई है। खाता देने वालों को ठगी की रकम आने के बाद मोटा कमीशन मिलता है।

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हिन्दुस्थान/सुरेश

(Udaipur Kiran) / सुरेश चौधरी

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