
नैनीताल, 14 नवंबर (Udaipur Kiran) . कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल के आइक्यूएसी द्वारा दो दिवसीय शोध पद्धति एवं शैक्षणिक लेखन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में आईआईटी रुड़की के प्रो. मनु गुप्ता ने डेटा संग्रहण, सैम्पलिंग तकनीक, नमूना आकार निर्धारण और डेटा विश्लेषण की आधुनिक पद्धतियों पर उपयोगी जानकारी दी तथा प्रतिभागियों को डिजिटल मंचों और व्यावहारिक उपकरणों से परिचित कराया. दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. जेएन सिन्हा ने शोध विषय चयन से लेकर शोधप्रबंध लेखन और उसे पुस्तक में परिवर्तित करने की प्रक्रिया को सरल तरीके से समझाया. उन्होंने प्रभावी भाषा, सुव्यवस्थित संरचना और अंतरराष्ट्रीय शैली नियमावलियों के महत्व पर बल दिया.
समापन सत्र में मुख्य अतिथि प्रो. दिव्या जोशी ने गुणवत्तापूर्ण शोध, भाषा कौशल, संदर्भ प्रबंधन और शैक्षणिक ईमानदारी की आवश्यकता पर जोर दिया. कार्यक्रम समन्वयक प्रो. रीतेश साह ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण शोध दिशा को स्पष्ट करते हैं और विश्लेषणात्मक सोच व नवाचार को सुदृढ़ बनाते हैं. कार्यक्रम में प्रमाणपत्र वितरण के साथ प्रशिक्षण का समापन हुआ. इस अवसर पर डॉ. नंदन सिंह, डॉ. हर्ष चौहान, डॉ. सरोज, डॉ. अशोक उप्रेती, डॉ. सुरेश जोशी, डॉ. ऋचा गिनवाल व डॉ. दिलीप सहित अनेक संकाय सदस्य और शोधार्थी उपस्थित रहे.
(Udaipur Kiran) / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी
