
New Delhi, 01 दिसंबर (Udaipur Kiran) . दिल्ली उच्च न्यायालय ने देश भर के कैंटोंमेंट बोर्ड का चुनाव पिछले पांच वर्षों से नहीं कराने पर केंद्र सरकार को फटकार लगाई है. मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि हम लोकतंत्र में हैं, आप पांच सालों तक बिना चुने हुए अधिकारियों के कैसे चल सकते हैं. मामले की अगली सुनवाई 11 मार्च को होगी.
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि देश भर में 60 कैंटोंमेंट बोर्ड हैं और वे कैंटोंमेंट इलाकों का नगरीय प्रशासन संभालते हैं. कैंटोंमेंट बोर्ड का पिछला चुनाव 2015 में हुआ था और उनका कार्यकाल 2020 में पूरा हो गया. कोर्ट ने कहा कि लोकतांत्रिक समाज में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई निकाय काम करती है.
कोर्ट ने कहा कि कैंटोंमेंट एक्ट की धारा 12 के तहत कैंटोमेंट बोर्ड के गठन का प्रावधान है. इसके तहत कैंटोंमेंट बोर्ड के सदस्यों का चुनाव भी आता है, लेकिन सरकार धारा 13 के तहत लगातार नोटिफिकेशन के जरिये चुनाव नहीं करा रही है. कोर्ट ने कहा कि धारा 13 के तहत केवल दो परिस्थितियों में ही चुनाव टाला जा सकता है. टालने की पहली वजह कोई सैन्य कार्रवाई हो सकती है और दूसरी वजह कैंटोंमेंट का प्रशासन. कोर्ट ने कहा कि जब धारा 13 के तहत नोटिफिकेशन जारी किया जाता है, उस समय कोई चुना हुआ सदस्य नहीं होता है और पुराने सदस्यों का दोहराव किया जाता है. ऐसा करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का गला घोंटने जैसा है. कोर्ट ने केंद्र सरकार और रक्षा संपदा के महानिदेशक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया.
(Udaipur Kiran) /संजय
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(Udaipur Kiran) / वीरेन्द्र सिंह
