
जबलपुर, 12 दिसंबर (Udaipur Kiran) . मध्यप्रदेश के ऊर्जा सचिव व एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक विशेष गढ़पाले ने शुक्रवार को शक्तिभवन में पावर मैनेजमेंट कंपनी के कन्ट्रोल रूम का सुबह 11 बजे जिस वक्त निरीक्षण कर रहे थे उसी समय मध्यप्रदेश के इतिहास में सर्वाधिक बिजली की मांग 19113 मेगावाट दर्ज हुई. मध्यप्रदेश में बिजली की मांग पहली बार 19000 मेगावाट की शीर्ष मांग पर पहुंची है. ऊर्जा सचिव ने कन्ट्रोल रूम में रियल टाइम में बिजली की मांग और उसकी शतप्रतिशत सप्लाई को मॉनीटर पर देखा.
पीएमसी एमडी विशेष गढ़पाले ने भविष्य में बिजली की मांग 20 हजार मेगावाट तक पहुंचने की संभावना को देखते हुए निर्देश दिया कि बिजली की इस प्रकार शेड्यूलिंग की जाए जिससे कि ऐसी स्थिति में प्रदेश में शतप्रतिशत बिजली की सप्लाई संभव हो. इस अवसर पर पावर मैनेजमेंट कार्यालय के मुख्य महाप्रबंधक पीके जैन व मुख्य महाप्रबंधक मानव संसाधन व प्रशासन राजीव गुप्ता सहित अभियंता उपस्थित थे.
पीएमसी के एमडी विशेष गढ़पाले ने कन्ट्रोल रूम की कार्यप्रणाली का गहन निरीक्षण करते हुए प्रत्येक बिन्दु का विश्लेषण किया. उन्होंने मेरिट आर्डर सिद्धांत के आधार पर किस प्रकार बिजली की शेड्यूलिंग की जाती है उसे प्रत्यक्ष तौर पर देखा. ऊर्जा सचिव ने रियल टाइम में पावर मैनेजमेंट की कार्यपणाली को देख कर उचित निर्देश दिए. उन्होंने प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कंपनी में हो रही विद्युत सप्लाई को मॉनीटर पर अवलोकन किया.
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(Udaipur Kiran) / विलोक पाठक
