Skip to content
Sunday, 1 November 2026
BREAKING
MADHYA PRADESH

मंत्रि-परिषद की बैठक में विकास को मिली नई गति: 2,500 करोड़ की सड़क परियोजना से लेकर पोषण, शिक्षा और कृषि सुधारों पर अहम फैसले

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रि-परिषद् की बैठक मंत्रालय में वंदे मातरम् गायन के साथ आरंभ हुई।

भोपाल, 22 दिसंबर (Udaipur Kiran) । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के आधारभूत ढाँचे, सामाजिक कल्याण, शिक्षा और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में जहां सड़क निर्माण की एक बड़ी परियोजना को मंजूरी दी गई, वहीं आंगनवाड़ी एवं पोषण योजनाओं की निरंतरता, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के विस्तार और आधुनिक मौसम तंत्र की स्थापना जैसे फैसलों पर भी मुहर लगी।

मंत्रि-परिषद द्वारा बड़वाह-धामनोद 4-लेन मार्ग मय पेव्हड शोल्डर के उन्नयन एवं निर्माण के लिए 2,508 करोड़ 21 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। लगभग 62.795 किलोमीटर लंबाई की यह परियोजना हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल के अंतर्गत क्रियान्वित की जाएगी, जिसमें भू-अर्जन भी सम्मिलित है। इस मार्ग के निर्माण से निमाड़ क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा, औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी तथा यातायात की सुरक्षा में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।

परियोजना के अंतर्गत 10 बायपास, 5 वृहद पुल, 23 मध्यम पुल, 12 वी.यू.पी./एस.वी.यू.पी., 7 वृहद जंक्शन तथा 56 मध्यम जंक्शन का निर्माण किया जाएगा। निर्माण लागत का 40 प्रतिशत हिस्सा हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल के अंतर्गत मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा राज्य राजमार्ग निधि से वहन किया जाएगा, जबकि शेष 60 प्रतिशत राशि संचालन अवधि में 15 वर्षों तक 6-6 माह की एन्यूटी के रूप में राज्य बजट से भुगतान की जाएगी।

बैठक में सामाजिक क्षेत्र से जुड़े एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 अंतर्गत योजनाओं एवं कार्यक्रमों को आगामी पाँच वर्षों तक निरंतर संचालित करने की स्वीकृति दी गई। यह निरंतरता 16वें वित्त आयोग की अवधि वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक के लिए प्रदान की गई है। इस निर्णय से प्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण स्तर और बाल विकास को मजबूती मिलेगी।

सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 योजना के अंतर्गत आंगनवाड़ी सेवा योजना, पूरक पोषण आहार कार्यक्रम, शाला-पूर्व शिक्षा, सक्षम आंगनवाड़ी भवन निर्माण, पोषण अभियान, किशोरी बालिकाओं के लिए विशेष योजनाएं तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण जैसे घटक शामिल हैं। यह योजना प्रदेश के सभी 55 जिलों की 453 बाल विकास परियोजनाओं के अंतर्गत संचालित 97 हजार 882 आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से क्रियान्वित की जा रही है।

शिक्षा के क्षेत्र में एक और अहम निर्णय लेते हुए मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, जबलपुर के द्वितीय चरण के भवन निर्माण के लिए 197 करोड़ 13 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की। इस चरण के अंतर्गत प्रशासनिक भवन, अकादमिक ब्लॉक, कुलगुरु एवं कुलसचिव के आवास, 12 बहुमंजिला स्टाफ क्वार्टर तथा परिसर की बाउंड्रीवाल का निर्माण किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि इस विधि विश्वविद्यालय में वर्तमान में बी.ए. एल.एल.बी. (ऑनर्स), एल.एल.बी. (ऑनर्स) एवं पीएच.डी. पाठ्यक्रमों में कुल 1,272 सीटें स्वीकृत हैं, जिनमें से 720 विद्यार्थी वर्तमान में अध्ययनरत हैं। द्वितीय चरण के निर्माण से विश्वविद्यालय की अधोसंरचना मजबूत होगी और विधि शिक्षा को नई दिशा मिलेगी।

कृषि एवं मौसम आधारित सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मंत्रि-परिषद ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत WINDS (वेदर इन्फॉर्मेशन नेटवर्क एंड डेटा सिस्टम) कार्यक्रम के क्रियान्वयन की भी स्वीकृति प्रदान की। इसके तहत प्रदेश की प्रत्येक तहसील में स्वचालित मौसम केंद्र तथा प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्वचालित रेनगेज स्थापित किए जाएंगे। इस योजना के लिए 434 करोड़ 58 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।

गौरतलब है कि WINDS कार्यक्रम के संचालन से उच्च गुणवत्ता के मौसम आधारित आंकड़े उपलब्ध होंगे, जिससे फसल बीमा योजना का प्रभावी और त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा। साथ ही, यह डेटा एकल डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से भारत सरकार को भी उपलब्ध कराया जाएगा। पाँच वर्षों की इस योजना पर कुल अनुमानित व्यय 434 करोड़ 58 लाख रुपये संभावित है, जिससे किसानों को समय पर और पारदर्शी लाभ मिल सकेगा।

—————

(Udaipur Kiran) / डॉ. मयंक चतुर्वेदी

Share

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *