रत्नाकर ग्रुप पर डीजीजीआई का छापा, करोड़ों की टैक्स चोरी उजागर

भीलवाड़ा (Udaipur Kiran). सरिया निर्माण क्षेत्र के प्रमुख रत्नाकर ग्रुप पर गुरुवार को डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) ने बड़ी कार्रवाई की. जयपुर से आई डीजीजीआई की विभिन्न टीमों ने ग्रुप के गांधीनगर स्थित कार्यालय, प्लांट, फैक्ट्री और डायरेक्टरों के निवास स्थान पर एक साथ छापेमारी शुरू की. यह ऑपरेशन दोपहर 1 बजे आरंभ हुआ और देर शाम तक चला.

टैक्स चोरी

सूत्रों के अनुसार, रत्नाकर ग्रुप पर 30 से 40 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की पुख्ता सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई. शुरुआती जांच में सामने आया कि ग्रुप ने बिना बिल के बड़े स्तर पर कारोबार किया और जयपुर की एक फर्म के माध्यम से फर्जी बिलिंग एवं क्लीयरेंस सर्विस का इस्तेमाल कर टैक्स चोरी की. छापे के दौरान डायरेक्टर, परिवार के सदस्य और स्टाफ से गहन पूछताछ की गई.

कार्रवाई के दौरान ऑफिस और प्लांट के बाहर भारी पुलिसबल तैनात रहा. ऑफिस के गेट बंद कर दिए गए और आवागमन को पूरी तरह नियंत्रित किया गया. अन्य ठिकानों पर भी डीजीजीआई की गाड़ियां मुस्तैद दिखीं. इस खबर के फैलते ही शहर के कारोबारियों में हड़कंप मच गया.

डीजीजीआई को आशंका है कि ग्रुप ने करोड़ों रुपये का कारोबार बिना जीएसटी बिल के किया है और राज्य सरकार की रिप्स योजना के तहत बड़े पैमाने पर रिफंड राशि भी ली जा सकती है. विभागीय सूत्रों ने बताया कि बिक्री कर की स्टेट चेकिंग बंद होने के बाद टैक्स चोरी के मामलों में इजाफा हुआ है और सरिया कारोबार से जुड़ी कई अन्य कंपनियां भी रडार पर हैं.

रत्नाकर ग्रुप का सालाना टर्नओवर 100 करोड़ रुपये से अधिक बताया जाता है. ग्रुप के डायरेक्टर शंकर लाल जाट, उनके भाई डालचंद जाट और बेटा राजेंद्र चौधरी भी कारोबार में सक्रिय हैं. जांच में अब तक 30 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी सामने आई है, जो आगे बढ़ सकती है.

डीजीजीआई को पता चला कि रत्नाकर ग्रुप ने जयपुर की महावीर ट्रेडिंग कंपनी के जरिये फर्जी बिलिंग और क्लीयरेंस सर्विस ली थी. उल्लेखनीय है कि डीजीजीआई जयपुर ने महावीर ट्रेडिंग कंपनी पर पहले ही 706 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का मामला दर्ज कर सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें नकली बिलिंग, हवाला लेन-देन और बिना ई-वे बिल जैसी गड़बड़ियां सामने आई थीं.

रत्नाकर ग्रुप के खिलाफ कार्रवाई के बाद भीलवाड़ा के व्यापार जगत में हलचल है. उद्योग जगत में चर्चा है कि टैक्स चोरी मामले से जुड़े और भी नाम सामने आ सकते हैं. डीजीजीआई टीम अन्य कंपनियों और कारोबारियों की भी जांच कर रही है. फिलहाल ग्रुप के डायरेक्टर शंकर जाट और अन्य सहयोगियों से पूछताछ और जब्त दस्तावेजों की जांच जारी है. आगे और बड़ी कार्रवाई की संभावना है.

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