जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन में कमी मिली तो नपेंगे अधिकारी : जिलाधिकारी

बैठक में निर्देश देते जिलाधिकारी

फर्रुखाबाद, 8 दिसंबर (Udaipur Kiran) . जैव चिकित्सा अपशिष्ट शहर क्षेत्र में मिले तो संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. यह निर्देश जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने Monday को दिए. जिलाधिकारी अधिकारियों की बैठक कर रहे थे.

बैठक में प्रभागीय निदेशक राजीव कुमार ने जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन के संबंध में कई बिंदु रखे. जिन पर विचार विमर्श किया गया. उप मुख्य चिकित्साधिकारी आर. सी. माथुर ने वर्तमान समय में जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन की प्रक्रिया विस्तार रूप से बताई. उन्होंने बताया कि जनपद में सरकारी अस्पतालों के लिए मैनपुरी की ग्रीन हाउस मैनेजमेंट कंपनी एवं प्राइवेट अस्पताल के लिए कानपुर की विलवर्ल्ड कंपनी कार्य कर रही है. ग्रीन हाउस मैनेजमेंट कंपनी द्वारा प्रतिदिन लगभग 110 किलो जैव अपशिष्ट एवं विलवर्ल्ड कंपनी की ओर से लगभग 364 किलो जैव अपशिष्ट एकत्रित किए जाने की बात बताई. जनपद में सरकारी 46 व प्राइवेट 191 अस्पताल है. जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि प्रतिदिन कार्य की प्रगति स्पष्ट करें. जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन के लिए समय-समय पर निरीक्षण करें.

बैठक में आईबीएम के अध्यक्ष विपुल अग्रवाल, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड से वैज्ञानिक सहायक एस. डी. सिंह एवं जे. ई. दीपक कुमार, जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल, पंचायती राज विभाग से सत्यनारायण, गुंजा जैन एवं अन्य लोग उपस्थित रहे.

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(Udaipur Kiran) / Chandrapal Singh Sengar

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