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Friday, 30 October 2026
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UTTRAKHAND

सोशल मीडिया पर निजी जानकारी न करें साझा: एएसपी

कार्यक्रम में मौजूद अतिथि।

पीआरएसआई के राष्ट्रीय अधिवेशन के तीसरे दिन एआई व साइबर क्राइम से बचाव पर हुई चर्चा

देहरादून, 15 दिसंबर (Udaipur Kiran) । पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) के राष्ट्रीय अधिवेशन के तीसरे दिन पांचवें सत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम और मिसइन्फॉर्मेशन जैसे समसामयिक और गंभीर विषयों पर चर्चा हुई। सत्र के दौरान विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने एआई के बढ़ते प्रभाव, इसके लाभ, चुनौतियों और इससे जुड़ी साइबर सुरक्षा पर विचार साझा किए। वक्ताओं ने एआई से डरने की बजाय उसके प्रति जागरूक होने और समय के अनुसार स्वयं को अपडेट करने पर जोर दिया।

सत्र में मुख्यवक्ता उत्तराखंड पुलिस के अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अंकुश मिश्रा ने साइबर क्राइम और साइबर सिक्योरिटी पर जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि एआई के चलते साइबर अपराधों के तरीके अधिक आधुनिक और खतरनाक हो गए हैं। आज के समय में आप घर बैठे भी साइबर फ्रॉड के शिकार हो सकते हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए आपकी आवाज कॉपी की जा सकती है और डीपफेक वीडियो बनाए जा सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि हम अपनी प्रोफेशनल और व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रखें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से बचें। एआई से डरें नहीं, बल्कि उसके प्रति जागरूक रहें। यही इसका सबसे बड़ा समाधान है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी डीपफेक वीडियो को शेयर करने वाला व्यक्ति भी उतना ही दोषी माना जाएगा। साथ ही उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने की अपील की।

सत्र की शुरुआत स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के असिस्टेंट जनरल मैनेजर विनय जयसवाल ने की। उन्होंने जनसंपर्क के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एआई ने संचार को तेज, सटीक और प्रभावशाली बनाया है। आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने पब्लिक रिलेशन के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। डेटा एनालिसिस, मीडिया मॉनिटरिंग और ऑडियंस एनालिटिक्स में एआई एक शक्तिशाली टूल बन चुका है। हालांकि, इसके साथ साइबर क्राइम की घटनाएं भी बढ़ी हैं। इसलिए जरूरी है कि संस्थान एआई का उपयोग नैतिक और सुरक्षित तरीके से करें तथा भविष्य की चुनौतियों के लिए अभी से तैयारी करें।

सेल के असिस्टेंट जनरल मैनेजर विनय जयसवाल ने कहा कि सही रणनीति और प्रशिक्षण के साथ एआई जनसंपर्क को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है। इस अवसर पर विभिन्न सत्रों में ग्राफिक हिल यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर ताहा सिद्दिकी, पीआरएसआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष यूएस शर्मा, मैनेजर कॉरपोरेट कम्युनिकेशन, आरईसी ने संगठन के इरफान रसीद, डॉ. अमरनाथ त्रिपाठी आदि ने विचार व्यक्त किए।

(Udaipur Kiran) / डॉ विनोद पोखरियाल

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