
धमतरी, 1 दिसंबर (Udaipur Kiran) . जिले के ग्रामीण अंचल में बोर बंद होने से उत्पन्न पेयजल समस्या एक बार फिर गंभीर रूप से सामने आई है. Monday को कलेक्ट्रेट में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में ग्राम पंचायत बनबगौद के आश्रित ग्राम लट्टीडेरा की महिलाओं ने कलेक्टर से मुलाकात कर तत्काल समाधान की मांग की.
लट्टीडेरा की मीना कमार, सावित्री कमार, गीता कमार, कविता कमार, मनीशा कमार, देवकी कमार और नंदिनी कमार सहित ग्रामवासियों ने बताया कि क्षेत्र में लगभग 18 परिवार निवासरत हैं, परंतु पिछले आठ दिनों से नल-जल योजना का बोर पूरी तरह बंद पड़ा है. इससे पूरे मोहल्ले में पेयजल संकट गहरा गया है. ग्रामीणों ने बताया कि बोर के बार-बार खराब होने के कारण उन्हें प्रतिदिन पानी के लिए खेतों में बने निजी बोर तक जाना पड़ रहा है, जो विशेषकर महिलाओं के लिए अत्यंत कठिन और जोखिमभरा है. उन्होंने कहा कि ठंड के मौसम में भी पेयजल के लिए परेशान होना मजबूरी बन गई है, जबकि ग्राम पंचायत स्तर पर बार-बार शिकायत के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है. आवेदकों ने महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए कहा कि सागौन प्लॉट में एक प्रभावी बोर पहले से मौजूद है, जहां पर्याप्त जल उपलब्ध है. वन विभाग भी नल-जल योजना के अंतर्गत इस बोर से कनेक्शन देने की सहमति प्रदान कर चुका है. यदि वहां मोटर लगाकर पानी की आपूर्ति को लट्टीडेरा के नल-जल लाइन से जोड़ दिया जाए, तो पूरे मोहल्ले की समस्या स्थायी रूप से हल हो सकती है. महिलाओं ने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत आवश्यकता को लेकर हर दिन संघर्ष करना उचित नहीं है. इसलिए नल-जल योजना की तत्काल जांच करवाकर विकल्प के रूप में सागौन प्लॉट वाले बोर से आपूर्ति आरंभ की जाए, जिससे ग्रामीणों को राहत मिल सके.
विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल
कलेक्टर से जनदर्शन में की गई इस मांग ने ग्रामीण पेयजल व्यवस्था के प्रति जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब देखना होगा कि प्रशासन इस समस्या पर कितनी त्वरित कार्रवाई करता है और कब तक लट्टीडेरा के ग्रामीणों को पेयजल संकट से मुक्त कर पाता है. फिलहाल ग्रामीण पेयजल संकट से परेशान हैं.
(Udaipur Kiran) / रोशन सिन्हा
