
जयपुर, 6 दिसंबर (Udaipur Kiran) . वरिष्ठ अध्यापक भर्ती-2022 पेपर लीक मामले में जेल में बंद आरपीएससी के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा ने अदालत को जयपुर जिला जेल में अपनी हत्या होने या डिप्रेशन में आकर आत्महत्या करने की बात कही है. वहीं ईडी कोर्ट ने आरोपित की मन:स्थिति को देखते हुए उसे जिला जेल से केन्द्रीय कारागार में शिफ्ट करने आदेश दिए हैं.
सुनवाई के दौरान बाबूलाल कटारा अदालत में पेश हुए. कटारा ने अदालत को बताया कि उसे जेल में कुछ लोगों से जान का खतरा है. इसके अलावा अत्यधिक तनाव के कारण आत्महत्या के लिए मजबूर होने की जानकारी भी दी. इससे पूर्व कटारा की ओर से उनके अधिवक्ता भानू प्रकाश शर्मा ने प्रार्थना पत्र पेश कर कहा कि गत 28 नवंबर को जिला कारागार से कटारा ने अपने बेटे को फोन कर कुछ लोगों की ओर से परेशान करने की जानकारी दी थी. कटारा ने बेटे को यहां तक कहा कि यदि अब उसके पास फोन नहीं आए तो वह यह मान ले कि उसके साथ कुछ गलत हो गया है. इस पर उदयपुर निवासी बेटे ने इसकी जानकारी उन्हें दी और सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही. प्रार्थना पत्र में कहा गया कि कटारा जेल में बंद हैं और व्यक्तिगत रूप से अदालत में प्रार्थना पत्र पेश करने में Assamर्थ हैं. इसलिए बतौर अधिवक्ता यह प्रार्थना पत्र पेश किया जा रहा है. सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि कटारा की मानसिक दशा स्थिर नजर नहीं आ रही है और उसमें भारी तनाव और डिप्रेशन दिख रहा है. हालांकि प्रार्थना पत्र में कटारा को दूसरे जेल में शिफ्ट करने की गुहार नहीं है, लेकिन सुनवाई के दौरान कटारा ने अपने आप को उदयपुर जेल में शिफ्ट करने की मौखिक गुहार की. वहीं अदालती आदेश की पालना में विशेष लोक अभियोजक बीएस चौहान ने कटारा के आरोपों को लेकर गोपनीय सीलबंद रिपोर्ट पेश की.
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(Udaipur Kiran)
