मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी की बड़ी कार्रवाई: पंजाब, हरियाणा और महाराष्ट्र में छापेमारी, 63 करोड़ की संपत्ति फ्रीज
चंडीगढ़, 15 अगस्त (हि.स.)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जालंधर ब्रांच ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में पंजाब, हरियाणा और महाराष्ट्र के दस आवासीय और कारोबारी ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई गुरुवार को व्यूनाउ ग्रुप ऑफ कंपनियों और इससे जुड़े लोगों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 के तहत की गई। इस सर्च ऑपरेशन में ईडी ने कुल 63 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज की है।

ईडी द्वारा शुक्रवार को जारी जानकारी के अनुसार, तलाशी के दौरान व्यूनाउ इंफ्राटेक लिमिटेड और इसके डायरेक्टर राहुल आनंद भार्गव समेत संबंधित संस्थाओं के ठिकानों से 23.90 लाख रुपये नकद, कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए। इसके अलावा 63.49 करोड़ रुपये के शेयर और 9.99 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति भी फ्रीज की गई। इस प्रकार कुल 73.72 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त और फ्रीज की गई है।
इससे पहले जनवरी 2025 में भी ईडी ने पंजाब-हरियाणा और मुंबई में 11 जगहों पर छापेमारी की थी, जिसमें व्यूनाउ मार्केटिंग सर्विसेज, बिग बॉय टॉयज समेत 6 कंपनियों से कई लग्जरी कारें और 3 लाख रुपये नकद जब्त किए गए थे। जांच में सामने आया था कि व्यूनाउ मार्केटिंग सर्विसेज लिमिटेड ने अन्य कंपनियों के साथ मिलकर निवेशकों को ज्यादा रिटर्न का झांसा दिया था। कंपनी ने क्लाउड पार्टिकल्स बेचने और उन्हें लीज पर देने के नाम पर पैसा जुटाया, जबकि इसके लिए उनके पास असली इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद नहीं था।



