दो साल बाद भी मेडिकल कॉलेज में तैनात नहीं हो पाए हृदय रोग विशेषज्ञ, मरीजों को रेफर पर भरोसा

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कार्डियोलॉजी विभाग कागजों तक सीमित, हर दिन बढ़ रही हृदय रोगियों की कतार

दिल के मरीजों को सैफई और कानपुर भेज रहे डॉक्टर, इलाज में हो रही देरी

दिल का दर्द बढ़ा परेशानी, दो साल बाद भी नहीं मिला विशेषज्ञ डॉक्टर

मेडिकल कॉलेज में सुविधाएं अधूरी, मरीजों को बाहर के अस्पतालों का सहारा

औरैया, 13 नवम्बर (Udaipur Kiran) . Uttar Pradesh के औरैया जनपद में हृदय रोगियों की बढ़ती संख्या के बावजूद अभी तक जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज में हृदय रोग विशेषज्ञ (कार्डियोलॉजिस्ट) की तैनाती नहीं की गई है. दो वर्ष पूर्व खुले मेडिकल कॉलेज में भी अब तक कार्डियोलॉजी विभाग शुरू नहीं हो सका, जिससे मरीजों को उपचार के लिए कानपुर या सैफई तक दौड़ लगानी पड़ रही है.

जिले में , हर दिन औसतन 15 से 20 मरीज सीने में दर्द, ब्लड प्रेशर या हृदय से जुड़ी समस्या लेकर अस्पताल पहुंचते हैं. इनका प्राथमिक उपचार तो स्थानीय डॉक्टर कर देते हैं, परंतु विशेषज्ञ न होने के कारण गंभीर मरीजों को रेफर करना पड़ता है. रास्ते में या देर होने से कई बार मरीजों की हालत बिगड़ जाती है.

मेडिकल कॉलेज परिसर में दो साल पहले ही अत्याधुनिक हृदय रोग वार्ड बनाने की योजना स्वीकृत हुई थी, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति अभी तक नहीं हो पाई है. सीएमएस पवन कुमार शर्मा ने बताया कि दो डॉक्टरों को फिलहाल प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को तत्काल राहत मिल सके.

चिकित्सा विभाग का कहना है कि जल्द ही कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ की तैनाती के लिए शासन से अनुरोध भेजा गया है. ठंड के मौसम में हृदय रोगियों की संख्या बढ़ने की आशंका को देखते हुए डॉक्टरों ने लोगों को सावधानी बरतने और नियमित जांच कराने की सलाह दी है.

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(Udaipur Kiran) कुमार

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