
New Delhi, 12 दिसंबर (Udaipur Kiran) . वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने दिल्ली–एनसीआर में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने पर विचार के लिए 15 सदस्यों की समिति का शुक्रवार को गठन किया. Indian प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी मद्रास) के प्रो. अशोक झुनझुनवाला को समिति का अध्यक्ष और अखिल Indian आयुर्विज्ञान संस्थान के पूर्व निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया को सह-अध्यक्ष बनाया गया है. यह समिति दो महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.
सीक्यूएम ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि दिल्ली–एनसीआर में हवा खराब होने की एक बड़ी वजह वाहनों से निकलने वाला धुआं है. इससे पीएम2.5, कार्बन मोनो ऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइ और दूसरे प्रदूषक बढ़ जाते हैं, जो लोगों की सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक है. इसी वजह से वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने एक विशेषज्ञ समिति बनाई है, जो बताएगी कि वाहन प्रदूषण कैसे कम किया जाए. समिति में आईआईटी के प्रोफेसर, स्वास्थ्य विशेषज्ञ, ऑटो रिसर्च संस्थान, सरकारी अधिकारी और पर्यावरण संस्थाओं के विशेषज्ञ शामिल हैं.
सीक्यूएम ने बताया कि दिल्ली–एनसीआर में वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर बने नियमों और योजनाओं की समीक्षा करेगी. कौन-सा वाहन कितना प्रदूषण फैलाता है—इसका अध्ययन करेगी और इसे कम करने के सुझाव देगी. इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने के लिए क्या तैयारी, ढांचा और खर्च चाहिए—इस पर भी अध्ययन करेगी. जरूरत पड़ने पर और भी सुझाव देगी. समिति अपनी रिपोर्ट दो महीने के भीतर देगी. पहली बैठक 15 दिसंबर 2025 को होगी.
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(Udaipur Kiran) / विजयालक्ष्मी
