आर्थिक क्रांति के ध्वजवाहक बन रहे किसान

किसान

–गांवों में भी हो रहा प्रोसेसिंग पार्क का निर्माण

लखनऊ, 01 दिसम्बर (Udaipur Kiran) . Uttar Pradesh में किसान अब पहले की तुलना में लगातार समृद्धि के वाहक बन रहे हैं. Chief Minister योगी आदित्यनाथ Uttar Pradesh की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने के मिशन से किसानों को भी जोड़ने का काम किया है. Chief Minister के दिशा निर्देश से डिजिटल कृषि नीति पर जोरों से काम हो रहा है. अन्नदाता किसी भी अर्थव्यवस्था के लिए रीढ़ की हड्डी माने जाते हैं. वो न केवल नागरिकों का पेट पालते हैं बल्कि अर्थव्यवस्था में भी योगदान करते हैं. वर्तमान डिजिटल क्रांति के युग में किसान पीछे न छूट जाएं इसके लिए डिजिटल एग्रीकल्चर इकोसिस्टम के विकास के लिए विस्तृत योजना बनाई गई है.

–अन्नदाता की आय में डिजिटल एग्रीकल्चर इकोसिस्टम से वृद्धिUttar Pradesh में योगी सरकार अन्नादाता को कृषि सम्बंधित डाटा एकीकृत प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध करा रही है. किसान अब बीज, उर्वरक, मौसम, सिंचाई, बीमा, बाजार, लॉजिस्टिक और फसल से सम्बंधित डाटा आसानी से प्राप्त कर रहे हैं. डिजिटल कृषि नीति को अतंरराष्ट्रीय तकनीक से जोड़ा गया है. Uttar Pradesh में डिजिटलीकरण, ई-मार्केट लिंकिंग, वेयरहाउसिंग, प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट उन्मुख नीतियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई जान दे रही हैं. डिजिटल कृषि के विकास पर योगी सरकार द्वारा 4000 करोड़ की परियोजना को तेज गति से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं.

–कृषि मंडियों को तकनीक से जोड़ने पर किसानों को लाभ Uttar Pradesh में पहले कृषक मंडियां पुराने ढर्रे पर चलती थीं जिसमें तकनीक का कोई विशेष योगदान नहीं था. इसकी वजह से अन्नदाता और खरीददारों के बीच पारदर्शी प्लेटफॉर्म की कमी थी. पुरानी व्यवस्था में बिचौलिये सारा फायदा उठा ले जाते थे और किसानों को अपनी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पाता था. योगी आदित्यनाथ सरकार की नीतियों का परिणाम है कि मंडियों का अब डिजिटलीकरण कर दिया गया है कि जिससे अन्नदाता को फसल और मौसम की सटीक जानकारी मिल रही है. इससे किसानों की आय में भी वृद्धि हो रही है.

–ग्रामीण क्षेत्रों में कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस सुविधाओं का विकासराज्य सरकार के प्रवक्ता के अनुसार Uttar Pradesh में 2017 से पहले ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की पहुंच कोल्ड स्टोरेज तक सीमित थी. 2017 में यूपी की बागडोर संभालने के बाद Chief Minister योगी ने कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस को बढ़ाने पर जोर दिया. देश के कुल स्टोरेज में से 40% कोल्ड स्टोरेज Uttar Pradesh में हैं. इस समय प्रदेश में लगभग 2500 कोल्ड स्टोर हैं. इसकी कुल भंडारण क्षमता 1.55 करोड़ मीट्रिक टन तक पहुंच चुकी है. वर्तमान सरकार कोल्ड स्टोरेज के आधुनिकीकरण पर जोर दे रही है और इसे किसानों की आय से भी जोड़ा गया है. प्रदेश में पीपीपी मॉडल से बड़ी संख्या में नए कोल्डस्टोरेज बन रहे हैं.

–प्रोसेस्ड कृषि उत्पादों से वैल्यू एडिशन और नई मार्केटिंग सम्भावनाएं बढ़ीUttar Pradesh में कृषि प्रसंस्करण कृषि सेक्टर की नई सम्भावना बनकर उभर रही है. योगी सरकार का अन्नदाता की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान है. किसानों का उत्पादन अब खेतों से सीधे विदेश तक पहुंच रहा है. छोटे-छोटे गांवों में भी एग्रो प्रोसेस यूनिट, फूड पार्क और ODOP आधारित कृषि उत्पादों पर विशेष ध्यान है. खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अनुसार प्रदेश में लगभग 75 हजार खाद्य प्रसंस्करण इकाईयां स्थापित हैं. वहीं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति के तहत 428 इकाइयां लगाई जा चुकी हैं.

(Udaipur Kiran) / बृजनंदन

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