गीता केवल ग्रंथ नहीं, मानव जीवन की जटिल समस्याओं का है शाश्वत समाधान : धर्मेन्द्र लोधी

मप्र के संस्कृति मंत्री ने कुरुक्षेत्र, Haryana में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में किया संबोधित

– मप्र के संस्कृति मंत्री ने कुरुक्षेत्र, Haryana में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में किया संबोधित

भोपाल, 29 नवंबर (Udaipur Kiran) . Haryana के धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर आयोजित ‘अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव’ में Saturday को Madhya Pradesh की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना की गूंज सुनाई दी. महोत्सव के मुख्य मंच से Madhya Pradesh के संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने श्रीमद्भगवद्गीता को संपूर्ण मानव जाति का सर्वश्रेष्ठ ग्रंथ और जीवन दर्शन का आधार बताया. उन्होंने कहा कि गीता केवल ग्रंथ नहीं, यह मानव जीवन की जटिल समस्याओं का शाश्वत समाधान है.

जीवन एक महायुद्ध, गीता सिखाती है स्थितप्रज्ञता

राज्य मंत्री लोधी ने कहा कि कुरुक्षेत्र वह पवित्र भूमि है, जहाँ भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन के अंतर्मन के द्वंद्व को ज्ञान के प्रकाश से हर लिया था. उन्होंने जीवन को परिभाषित करते हुए कहा, जीवन स्वयं एक महायुद्ध है—धर्म और अधर्म का, कर्तव्य और मोह का. गीता हमें सिखाती है कि संघर्षों के बीच भी मन को कैसे स्थिर और संतुलित रखा जाए. यही ‘स्थितप्रज्ञता’ है और यही मनुष्य का परम पुरुषार्थ है.

समस्याओं का निदान और कर्म का सिद्धांत

गीता की प्रासंगिकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन में समस्याओं से अधिक महत्व उनके समाधान की विधियों का है. जीवन में ‘क्या करें और क्या न करें’ की विकट स्थिति (कर्तव्य-अकर्तव्य) जब उत्पन्न होती है, तब गीता ही हमारा मार्गदर्शन करती है. उन्होंने ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’ के श्लोक को उद्धृत करते हुए कहा कि निष्काम कर्म ही मोक्ष और परमगति का मार्ग है.

‘राष्ट्र प्रथम’ की नीति और Madhya Pradesh का गौरवराज्यमंत्री लोधी ने कहा कि कुरुक्षेत्र में भीष्म पितामह ने ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ का मंत्र दिया था. आज उसी भावना को आत्मसात करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘राष्ट्र प्रथम’ की नीति से भारत को विश्व पटल पर सशक्त कर रहे हैं. उन्होंने Madhya Pradesh का उल्लेख करते हुए कहा कि मैं अतुल्य भारत के ‘हृदय-प्रदेश’ से आता हूँ. Chief Minister डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में Madhya Pradesh में धर्म, दर्शन और संस्कृति के नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं.

सत्य, करुणा और कर्तव्य का संकल्प

राज्यमंत्री लोधी ने उपस्थित जनसमूह को एक पावन संकल्प दिलाया. उन्होंने कहा कि समय और परिस्थितियाँ बदलती हैं, लेकिन गीता का संदेश ‘धर्मो रक्षति रक्षितः’ अटल है. आइए, हम सत्य को अपनी भाषा, करुणा को अपना आचरण और कर्तव्य को अपना धर्म बनाएं. इस अवसर पर पूज्य स्वामी रामभद्राचार्य महाराज, आचार्य प्रमोद कृष्णन, स्वामी ज्ञानानंद महाराज सहित अनेक पूज्य संत और भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे.

(Udaipur Kiran) तोमर

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