
देहरादून, 12 दिसंबर (Udaipur Kiran) . राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने शुक्रवार को राजपुर रोड पर स्थित एक होटल में दून कल्चरल एंड लिटरेरी सोसायटी की ओर से आयोजित ‘‘क्राइम लिटरेचर फेस्टिवल’’ का शुभारंभ किया.
इस मौके पर राज्यपाल ने इस आयोजन को अनूठी पहल बताते हुए कहा कि क्राइम लिटरेचर फेस्टिवल मात्र मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज, न्याय और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों पर गंभीर संवाद की राह खोलता है. उन्होंने कहा कि Uttarakhand की शांत और आध्यात्मिक भूमि पर इस प्रकार के आयोजन का होना दर्शाता है कि समाज वर्तमान चुनौतियों के प्रति सजग, संवेदनशील और उत्तरदायी है.
राज्यपाल ने कहा कि आज अपराध की प्रकृति तेजी से बदल रही है, जिसमें साइबर अपराध, डिजिटल फ्रॉड, ड्रग्स से जुड़े मामले और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग जैसे नए खतरे सामने आ रहे हैं. ऐसे समय में युवाओं के लिए तकनीकी जागरूकता के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है. क्राइम लिटरेचर फेस्टिवल समाज में सतर्कता, संवेदनशीलता और नई सोच को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम है.
राज्यपाल ने पुलिस बल के समर्पण, कठिन परिश्रम और जनसेवा की भावना की विशेष प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि पुलिस केवल कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी नहीं निभाती बल्कि समाज की सुरक्षा और विश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है. राज्यपाल ने कहा कि साहित्य नागरिकों और पुलिस के बीच संवाद, समझ और सहयोग बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम है.
इस अवसर पर प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक केतन मेहता ने भी आयोजन की सराहना की और इसे समाजहित में महत्वपूर्ण कदम बताया. कार्यक्रम में Uttarakhand के पूर्व डीजीपी अशोक कुमार, आलोक लाल, रणधीर अरोड़ा सहित अनेक साहित्यकार, चिंतक और विचारक उपस्थित रहे.
(Udaipur Kiran) / राजेश कुमार
