


– इंदौर में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल Biharी वाजपेयी की 100वीं जन्म जयंती पर ‘शून्य से शतक’ कार्यक्रम संपन्न
भोपाल, 21 दिसंबर (Udaipur Kiran) . Madhya Pradesh के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि स्व. अटल का जीवन ऐसे ग्रंथ की भाँति था, जिसका प्रत्येक पृष्ठ नैतिकता, उत्कृष्टता और राष्ट्रधर्म की राह दिखाता है. स्व. अटल जी केवल राजनेता नहीं थे, बल्कि वे कवि, चिंतक, अद्भुत नेतृत्व गुणों से संपन्न, विनम्र, संवेदनशील और स्वाभिमानी राष्ट्रभक्त थे. स्व. अटल जी के व्यक्तित्व और कृतित्व को कुछ शब्दों में समेटना संभव नहीं है, वे एक विराट व्यक्तित्व और एक चलता-फिरता महाकाव्य थे. उनकी वाणी में ओज था, जो जनमानस में ऊर्जा और राष्ट्रभाव का संचार करती थी.
राज्यपाल पटेल sunday को इंदौर में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल Biharी वाजपेयी की 100वीं जन्म जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित ‘शून्य से शतक’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. इस गरिमामय समारोह में देश के उपPresident सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल पटेल तथा Chief Minister डॉ. मोहन यादव ने चार प्रतिष्ठित विद्वानों को ‘अटल अलंकरण’ से अलंकृत किया.
राज्यपाल पटेल ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज भारत रत्न स्व. अटल Biharी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के पावन अवसर पर विचार अभिव्यक्त करने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व और हर्ष का विषय है. स्व. अटल जी की जन्म शताब्दी केवल पुण्य स्मरण का प्रसंग नहीं, बल्कि उनके विराट व्यक्तित्व, उच्च आदर्शों और दूरदर्शी नेतृत्व से प्रेरणा प्राप्त करने का पावन क्षण है.
उन्होंने स्वयं को भाग्यशाली बताते हुए कहा कि उन्हें स्व. अटल जी के सानिध्य में कार्य करने का अवसर मिला, जहां उनके महान आभामंडल में रहकर उन्हें करीब से देखने, समझने और उनसे प्रेरित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. वे असंख्य कार्यकर्ताओं के लिए प्रकाश-पुंज थे. उनका जीवन ऐसे ग्रंथ की भांति था, जिसका प्रत्येक पृष्ठ नैतिकता, उत्कृष्टता और राष्ट्रधर्म की राह दिखाता है. स्व. अटल जी केवल राजनेता नहीं थे, बल्कि वे कवि, चिंतक, अद्भुत नेतृत्व गुणों से संपन्न, विनम्र, संवेदनशील और स्वाभिमानी राष्ट्रभक्त थे. प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने गठबंधन राजनीति के दौर में भी संवाद, समन्वय और समानता के उच्च आदर्श प्रस्तुत किए, जो Indian लोकतंत्र के इतिहास में मील का पत्थर हैं. राज्यपाल ने कहा कि यदि हम स्व. अटल जी के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में देश और समाज के लिए योगदान कर सकें, तो वही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी.
युगपुरूष थे अटल जी : Chief Minister डॉ. यादव
Chief Minister डॉ मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि स्व. अटलजी का जीवन विचारों की दृढ़ता, राष्ट्रधर्म और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अटूट समर्पण का अनुपम उदाहरण है. उनका व्यक्तित्व ऐसा था जिसने हर काल और हर युग में Indian राजनीति को दिशा दी. उनकी राजनीतिक यात्रा Indian लोकतंत्र की प्रेरक गाथा है. उन्होंने कहा कि अटल जी ऐसे व्यक्तित्व रहे, जिन्होंने जीवन के प्रत्येक क्षण में देश को गौरवान्वित करने के कार्य किए. Indian राजनीति में अटल जी एक युगपुरुष के समान रहे हैं. प्रधानमंत्री रहते हुए देश को परमाणु शक्ति सम्पन्न राष्ट्र बनाने की उनकी दूरदृष्टि अद्वितीय रही है. उन्होंने कहा कि अटल जी ने भारतमाता और लोकतंत्र को गौरवान्वित किया. पहली बार संयुक्तराष्ट्र संघ में हिंदी में संबोधन देकर देश की इच्छाशक्ति और भाषा तक को नायाब बनाया.
Chief Minister डॉ यादव ने कहा कि स्व. अटल जी ने नेता प्रतिपक्ष की पवित्र भूमिका निभाई. 50 वर्ष तक इस भूमिका में रहे है. आपातकाल में भी बिना संकोच के साहित्य के माध्यम से देश में शुचिता और स्वाभिमान का भाव जागृत करने में भूमिका निभाई. उन्होंने कहा कि राजनीति के शिखर पुरूष, राजनीति के अजातशत्रु और विचारों की दृढ़ता रखते हुए वे Indian मर्यादा के प्रतीक बने. भारत रत्न अटल वाजपेयी को हमारे बीच के कई लोगों ने देखा भी है. वास्तव में वे एक ऐसा व्यक्तित्व थे, जिसने अपने जीवन के प्रत्येक क्षण में अपनी हर एक जगह महत्ता स्थापित की. प्रारंभ में अटल जी की संघ के एक प्रचारक के रूप में पहचान बनी थी.
Chief Minister ने कहा कि भारत माता के चरणों में सतत नमन करने वाले, अपने जीवन को न्यौछावर करने वाले अटल जी ने पत्रकार के रूप में भी पहचान बनाई. जनसंघ के बाद जनता पार्टी और फिर Indian जनता पार्टी तक हर दौर में अटल जी की यात्रा अद्वितीय रही है. विशेष रूप से Indian लोकतंत्र के लिए लोकसभा में बोलने वाला ऐसा व्यक्तित्व जिसकी दहाड़ से हर प्रधानमंत्री अपने आप अपने कर्तव्य के प्रति सचेत होता था और तारीफ करता था कि हमें गर्व है हमारी संसद में अटल जी जैसा व्यक्तित्व मौजूद है. वास्तव में ऐसे लोगों से दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र गौरवान्वित होता है.
Chief Minister डॉ यादव ने कहा कि अटल जी का लगातार 50 वर्ष तक विपक्षी नेता के रूप में बोलते रहना आज के युग में कई लोगों के लिए आश्चर्य की बात होगी. विशेष रूप से उन्होंने नेता प्रतिपक्ष के रूप में एक पवित्र पद का धारण किया था. जब-जब देश को आवश्यकता पड़ी चाहे किसी काल में कोई विशेष अंतर्राष्ट्रीय मुद्दा हो, उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होती थी. जब भी वे विदेश गए भारत माता को सदैव गौरवान्वित किया. लोकतंत्र को पूरे आनंद के साथ अनुभव करते हुए पूरे देश को आनंद में डुबाने का काम किया. यह हम लोगों के लिए सीख है. पहली बात संयुक्त राष्ट्र संघ में हिन्दी का गुलदस्ता देखने को मिला. राष्ट्रभाषा हिन्दी को विश्व स्तर पर गौरवान्वित करने का मौका किसी ने दिया तो वे वाजपेयी जी ही थे. अटल जी का कितना जीवन अलग-अलग प्रकार का है. कोई सोच ही नहीं सकता था. बांग्लादेश की सीमाओं पर लड़ने वाली सेनाओं के मनोबल को बढ़ाने का कार्य भी किया. देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री को गौरवान्वित करने के लिए मां जगदम्बा के समान शक्ति की साधना करने के उस भाव को जगाते हुए हमारी सेनाओं और पूरे देश का मनोबल उन्होंने बढ़ाया.
Chief Minister ने कहा कि आपातकाल लागू करना लोकतंत्र का गला घोंटने वाली घटना थी. इस कठिन दौर में भी बगैर संकोच के साथ अटल जी ने आडवाणी के साथ अनेक मंचों यहां तक की अपनी कविताओं के माध्यम से दिए गए सहयोग को यादगार बनाया. कई दलों के साथ सरकार बनाना और सरकार को चलाना, आसान नहीं था. यहीं नहीं सरकार चलाने में पवित्रता रखना साधारण बात नहीं थी. अटल जी के मन में सदैव पवित्रता का भाव रहता था. सरकार जाए तो चली जाए, लेकिन मूल्यों से वे कभी भी समझौता नहीं करते थे. उन्होंने सरकार चलाने के साथ परमाणु बनाने के संबंध में जिस प्रकार दृढ़ इच्छा शक्ति का परिचय देकर निर्णय लिया वह भारत को परमाणु शक्ति बनाकर स्वाभिमान के साथ जीने के अधिकार का बहुत बड़ा उदाहरण है. अटल जी ने अनेक धमकियों के बावजूद परमाणु परीक्षण किया. यह अटल जी ही कर सकते थे.
Chief Minister ने बताया कि 25 दिसंबर को जन्म शताब्दी वर्ष के समापन अवसर पर ग्वालियर से 02 लाख करोड़ रुपये से अधिक के औद्योगिक निवेशों/विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण स्व. अटल जी को समर्पित किया जाएगा, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी. उन्होंने कहा कि स्व. अटल जी Madhya Pradesh की धरती से निकले ऐसे महापुरुष हैं, जिनका योगदान विश्व लोकतंत्र को गौरव प्रदान करता है. समारोह के लिए President द्रौपदी मुर्मू द्वारा प्रेषित शुभकामना संदेश का वाचन भी कार्यक्रम में किया गया.
इन विभूतियों को मिला ‘अटल अलंकरण’इस अवसर पर सत्यनारायण सत्तन (प्रसिद्ध कवि), सत्यनारायण जटिया (पूर्व केंद्रीय मंत्री), संजय जगदाले (Indian क्रिकेट टीम चयन समिति के पूर्व चयनकर्ता) तथा पारंग शुक्ला (सागर) को ‘अटल अलंकरण’ से सम्मानित किया गया. समारोह में स्व. अटल जी के जीवन पर आधारित एक भावपूर्ण लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया. साथ ही, अटल जी से जुड़े संस्मरणों पर आधारित पुस्तक सदा अटल महाग्रंथ के तृतीय संस्करण के कवर पेज तथा केलेण्डर का विमोचन भी किया गया.
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(Udaipur Kiran) तोमर
