गुरुग्राम: फर्जी अधिकारी बन डिजिटल अरेस्ट से ठगी का आरोपी काबू

गुरुग्राम पुलिस की गिरफ्त में फर्जी अधिकारी बनकर ठगी करने का आरोपी.

-विदेश में रहकर चाईना मूल के लोगों के साथ मिलकर करता ठगी

-कम्बोडियन मुद्रा को बिटकॉइन वैलेट के माध्यम से इंडियन अकाउंट में डालता

गुरुग्राम, 11 दिसंबर (Udaipur Kiran) . साइबर क्राइम ईस्ट थाना एरिया में फर्जी अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट कर 2.92 करोड़ की ठगी करने के केस में कंबोडिया से दिल्ली आ रहे एक आरोपी को पुलिस ने एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आरोपी की अगस्त माह में एलओसी जारी करवा रखी थी. आरोपी विदेश में रहकर चाईना मूल के लोगों के साथ मिलकर ठगी की वारदात को अंजाम देता था. पुलिस ने आरोपी को दो दिन के रिमांड के बाद अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. पुलिस इस केस में अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है.

साइबर क्राइम ईस्ट थाना पुलिस को एक महिला ने शिकायत दी थी कि उसके बेटे के पास एक कॉल आई. जिसमें उसके आधार कार्ड का हवाला में प्रयोग किए जाने की बात कही गई. वहीं इस दौरान फर्जी पुलिस अधिकारी ने केस दर्ज कराने का डर दिखाते हुए वीडियो कॉल के जरिए एक फर्जी सीबीआई अधिकारी से बात कराई. महिला के बेटे को डिजिटल अरेस्ट करते हुए उससे अलग-अलग बैंक खातों में कुल 2.92 करोड़ रुपए ट्रांसफर करवा लिए. पुलिस ने केस दर्ज कर छानबीन शुरु कर दी.

मामले में एसीपी साइबर क्राइम प्रियांशु दीवान की अगुवाई में साइबर क्राइम ईस्ट थाना प्रभारी की टीम ने एक आरोपी को कंबोडिया से दिल्ली आने पर एयरपोर्ट से काबू कर लिया. आरोपी की पहचान Gujarat के सूरत निवासी चिराग कांजी भाई (28) के रूप में हुई. पुलिस ने आरोपी का माह अगस्त में एलओसी जारी करवा रखी थी. पुलिस ने आरोपी को दो दिन के रिमांड के बाद अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

कंबोडिया जाकर चाइना मूल के लोगों के साथ मिलकर करता ठगी

आरोपी वर्ष-2021 से दुबई में वर्क वीजा पर गया था. अगस्त 2025 में वहां से कंबोडिया जाकर चाईना मूल के लोगों के साथ मिलकर साइबर ठगी का काम करने लगा. आरोपी ने फर्जी टेलीकॉम अधिकारी बनकर अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर युवक को डिजिटल अरेस्ट करके धोखाधडी की वारदात को अंजाम दिया था. आरोपी कॉलिंग टीम का सदस्य था जिसके बदले इसको कम्बोडियन मुद्रा में कमीशन मिलता था. साइबर ठगी से प्राप्त कमीशन की राशि कम्बोडियन मुद्रा को बिटकॉइन वैलेट के माध्यम से अपने अन्य साथियों के बैंक खाते में ट्रांसफर कर लेता था. पुलिस इस केस में आरोपी चिराग कांजी भाई व आरोपी अशीषभाई रमनलाल सहित कुल 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है.

(Udaipur Kiran)

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